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कर्नाटक के बेलगावी जिले में हाल ही में आई भीषण बाढ़ से हजारों किसान और ग्रामीण तबाही की मार झेल रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस सरकार पर लापरवाही और असंवेदनशीलता के आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने एक तीखा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बाढ़ के समय बेलगावी आकर लोगों की सुध नहीं ली, लेकिन अब राजनीतिक दौरे के नाम पर ‘बिरयानी खाने’ आ रहे हैं।
नागनूर गांव में किसानों के साथ बातचीत करते हुए आर. अशोक ने कहा:
“जब बेलगावी डूब रहा था, खेत बर्बाद हो रहे थे, जानवर मर रहे थे, तब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को आने का समय नहीं मिला। अब जब माहौल शांत हो गया है, तो प्रचार के लिए आ रहे हैं और वह भी बिरयानी खाने।”
उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में तेज बहस का मुद्दा बन गया है। बीजेपी नेता का आरोप है कि कांग्रेस सरकार केवल प्रचार पर ध्यान दे रही है, जमीनी राहत कार्यों में नहीं।
आर. अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के लिए जो राहत कोष होना चाहिए था, उसे सरकार ने अपनी ‘पाँच गारंटी योजनाओं’ पर खर्च कर दिया।
“जब प्राकृतिक आपदा आती है, तो सरकार के पास पीड़ितों को देने के लिए पैसा नहीं होता क्योंकि वह पहले ही वोट बैंक की राजनीति में गारंटी योजनाओं में सारा फंड खर्च कर चुकी होती है।”
उन्होंने कहा कि जब किसान परेशान होते हैं, तब सरकार मौन रहती है, लेकिन चुनावी दौरे के लिए तुरंत कार्यक्रम बन जाता है।
बेलगावी जिले में पिछले दो हफ्तों से भारी बारिश के कारण खेत जलमग्न हो गए हैं। धान, गन्ना और सब्जियों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। कई गाँवों में सड़कें टूट गईं, बिजली बंद है, और लोग अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं।
स्थानीय किसानों का कहना है कि उन्हें अब तक न तो सरकारी मुआवजा मिला है और न ही कोई अधिकारी या मंत्री उनका हालचाल लेने आया है।
आर. अशोक के ‘बिरयानी’ बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस के प्रवक्ता ने कहा:
“मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं। ये दौरा प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों उद्देश्य से है। विपक्ष बाढ़ पीड़ितों की पीड़ा पर राजनीति कर रहा है।”
कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी मुद्दों से भटकाने और सरकार की छवि खराब करने के लिए ऐसे बयानबाजी कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कर्नाटक में 2026 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए सभी पार्टियां आपदा, योजनाओं और जनसंपर्क अभियानों को राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बना रही हैं।
आर. अशोक का बयान भी इसी दिशा में देखा जा रहा है — जहां वे कांग्रेस को “जनविरोधी” साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस खुद को “जनकल्याणकारी” सरकार के रूप में पेश कर रही है।
राजनीतिक घमासान के बीच, असली सवाल यह है कि क्या बेलगावी के किसानों और बाढ़ पीड़ितों को समय पर मुआवजा मिलेगा?
राजनीतिक बयानबाज़ी अपनी जगह है, लेकिन जब तक सरकार और प्रशासन जमीनी स्तर पर राहत और पुनर्वास का काम नहीं करते, तब तक जनता की पीड़ा खत्म नहीं होगी।








