भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार तीसरे दिन जोरदार तेजी देखने को मिली। निवेशकों के उत्साह और मजबूत वैश्विक संकेतों के चलते सेंसेक्स 583 अंकों की छलांग लगाकर बंद हुआ।
आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी शेयरों में भारी खरीदारी के चलते बाजार में एक बार फिर तेजी का माहौल बना।
निवेशकों के पोर्टफोलियो में रौनक लौट आई है और तीन दिनों में सेंसेक्स करीब 1,500 अंक मजबूत हो चुका है।
आईटी और बैंकिंग शेयरों में आई जान
आज के सत्र में निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी आईटी और बैंकिंग कंपनियों में दिखाई।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) में जबरदस्त तेजी देखी गई।
दोनों कंपनियों के शेयरों में 3% से अधिक की बढ़त दर्ज हुई, जिससे आईटी सेक्टर इंडेक्स 2.1% ऊपर बंद हुआ।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आईटी सेक्टर में यह तेजी अमेरिकी बाजारों में तकनीकी कंपनियों के अच्छे नतीजों के कारण आई है।
अगले सप्ताह टीसीएस और इंफोसिस के तिमाही परिणाम आने वाले हैं, जिनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
बैंकिंग सेक्टर ने भी दिखाई मजबूती
बैंकिंग शेयरों ने भी आज के बाजार की तेजी में अहम भूमिका निभाई।
एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और एसबीआई के शेयरों में 1% से 2.5% तक की तेजी रही।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू बैंकिंग सेक्टर की मजबूत बैलेंस शीट और रिटेल क्रेडिट ग्रोथ में सुधार ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
निफ्टी बैंक इंडेक्स 1.8% की मजबूती के साथ बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में बैंकिंग शेयरों का वजन बढ़ने से कुल सूचकांक 73,600 के पार पहुंच गया।
सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स आज 583 अंकों की बढ़त के साथ 73,642.10 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 176 अंकों की छलांग के साथ 22,348.50 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स के 30 में से 20 शेयर तेजी के साथ बंद हुए।
निफ्टी के टॉप गेनर्स में टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल रहे।
वहीं टॉप लूजर्स में सन फार्मा, नेस्ले इंडिया और एनटीपीसी के शेयरों में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
विदेशी निवेशकों की वापसी से बढ़ा भरोसा
पिछले कुछ हफ्तों से लगातार बिकवाली कर रहे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) अब भारतीय बाजारों में फिर से रुचि दिखा रहे हैं।
सितंबर के अंत तक FPI की बिकवाली में कमी आई और अक्टूबर की शुरुआत से अब तक उन्होंने करीब ₹3,800 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की है।
यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशक भारतीय अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक स्थिरता को लेकर फिर से आशावान हैं।
रुपये और कच्चे तेल में स्थिरता का असर
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया आज 7 पैसे की मजबूती के साथ ₹83.04 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी स्थिर बनी हुई हैं।
ब्रेंट क्रूड $84 प्रति बैरल के आसपास रहा, जिससे घरेलू मुद्रास्फीति पर नियंत्रण बना हुआ है।
इन दोनों कारकों का संयुक्त प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर सकारात्मक रहा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी
केवल बड़ी कंपनियों के शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई।
बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 0.9% की बढ़त और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.6% की मजबूती रही।
रेलवे, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों में भी तेजी का माहौल रहा।
रेल विकास निगम (RVNL), इरकॉन, और अदाणी पोर्ट्स जैसे शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया।
विशेषज्ञों की राय: आगे क्या उम्मीद की जाए?
स्टॉक मार्केट एनालिस्ट रजनीश शाह का कहना है,
“आईटी और बैंकिंग सेक्टर की मजबूती इस बात का संकेत है कि बाजार में अब निवेशकों का भरोसा लौट रहा है। अगर विदेशी निवेशक इस गति को बनाए रखते हैं, तो आने वाले हफ्तों में सेंसेक्स 74,000 का स्तर पार कर सकता है।”
वहीं एचडीएफसी सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार,
“निकट भविष्य में बाजार में हल्की करेक्शन के बाद फिर से तेजी लौट सकती है। निवेशकों को लॉन्ग-टर्म पोर्टफोलियो के लिए आईटी, बैंकिंग और एनर्जी शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।”
टीसीएस और टेक महिंद्रा में निवेशकों की नजर
टीसीएस और टेक महिंद्रा में जो तेजी दिखी है, वह आने वाले तिमाही परिणामों की उम्मीद पर आधारित है।
दोनों कंपनियों ने हाल ही में बड़े अंतरराष्ट्रीय कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए हैं, जिससे राजस्व वृद्धि की संभावना मजबूत हुई है।
टेक महिंद्रा के शेयर ₹1,472 पर बंद हुए जबकि टीसीएस का शेयर ₹4,198 तक पहुंच गया — दोनों ही 52-सप्ताह के ऊपरी स्तर के करीब हैं।
बाजार की मनोवैज्ञानिक सीमा – 74,000 सेंसेक्स और 22,400 निफ्टी
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले सत्रों में 74,000 का स्तर सेंसेक्स के लिए महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस साबित हो सकता है।
अगर यह स्तर पार हो गया तो बाजार में नई तेजी का दौर शुरू हो सकता है।
निफ्टी के लिए 22,400 का स्तर एक मनोवैज्ञानिक सीमा माना जा रहा है, जबकि नीचे की ओर 22,000 पर मजबूत सपोर्ट है।
निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तेजी में निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए।
अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद दीर्घकालिक निवेश रणनीति पर बने रहना ही बेहतर विकल्प है।
आईटी, बैंकिंग, और एनर्जी सेक्टर के शेयर अब भी आकर्षक मूल्य पर हैं और लंबी अवधि के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन आई तेजी ने निवेशकों में उम्मीदों की नई लहर जगा दी है।
सेंसेक्स में 583 अंकों की उछाल और निफ्टी में मजबूती के साथ बाजार ने एक बार फिर अपना सकारात्मक रुख दिखाया है।
आईटी और बैंकिंग सेक्टर की तेजी यह संकेत देती है कि बाजार आने वाले दिनों में और मजबूती पकड़ सकता है।








