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  • Sresan Pharma के मालिक की गिरफ्तारी के बाद ED ने तमिलनाडु में सात स्थानों पर छापेमारी की

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    मध्य प्रदेश में कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत के संदिग्ध मामले में Sresan Pharma के मालिक जी. रंगनाथन की गिरफ्तारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तमिलनाडु में सात स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई का मकसद कंपनी के कथित अवैध वित्तीय लेनदेन और संभावित धनशोधन को उजागर करना है।

    प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने चेन्नई और अन्य स्थानों पर Sresan Pharma के कार्यालयों, गोदामों और मालिक के आवास सहित कुल सात स्थानों पर छापेमारी की। इन छापेमारियों में कई अहम दस्तावेज, कंप्यूटर, मोबाइल और वित्तीय रिकॉर्ड बरामद हुए हैं, जिनकी गहन जांच जारी है।

    विशेष रूप से, टीम ने P.U. कार्तिकेयन के आवास पर भी तलाशी ली है, जो फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के पूर्व संयुक्त निदेशक रह चुके हैं। उनकी भूमिका इस जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उनकी मिलीभगत से अवैध गतिविधियों को छुपाया गया हो सकता है।

    मध्य प्रदेश में Sresan Pharma के कफ सिरप ‘Coldrif’ के सेवन से कई बच्चों की मौतें हुईं, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में सिरप में जहरीले पदार्थ पाए जाने की बात सामने आई, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया।

    सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया। इसके तहत ED ने वित्तीय और कानूनी पहलुओं की जांच शुरू की।

    ED के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि कंपनी ने किन तरीकों से नियमों का उल्लंघन किया और वित्तीय फंडिंग के स्रोत क्या थे। इसके अलावा, फार्मा कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ भी जारी है।

    सरकार की तरफ से यह साफ किया गया है कि दवा सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।

    P.U. कार्तिकेयन के खिलाफ जांच की वजह उनकी जिम्मेदारी के दौरान कथित गड़बड़ियां हैं। आरोप हैं कि उन्होंने नियमों की अनदेखी की और कंपनी को नियमों से बचाने में मदद की। उनकी गिरफ्तारी या पूछताछ अभी बाकी है, लेकिन उनकी भूमिका जांच के लिए अहम है।

    यह मामला सिर्फ तमिलनाडु या मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है। देशभर में दवा कंपनियों की जांच और निगरानी तेज हो रही है। ED समेत अन्य जांच एजेंसियां आर्थिक अपराधों पर कड़ी नजर रख रही हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों की सख्त जांच से दवा उद्योग की विश्वसनीयता बढ़ेगी और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

    तमिलनाडु में छापेमारी के दौरान इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में रखा और फिलहाल स्थिति सामान्य बताई गई है।

    हालांकि, प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है।

    Sresan Pharma के मालिक की गिरफ्तारी और उसके बाद ED द्वारा तमिलनाडु में सात स्थानों पर की गई छापेमारी ने यह संकेत दिया है कि स्वास्थ्य सुरक्षा और आर्थिक अपराधों से संबंधित मामलों में सरकार और जांच एजेंसियां सख्ती से कार्रवाई कर रही हैं।

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