• Create News
  • ▶ Play Radio
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीसैलम के श्री भ्रामरंबा मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर में अर्चना कर देश की समृद्धि और शांति की कामना की

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण स्थल श्रीसैलम स्थित श्री भ्रामरंबा मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर में भव्य पूजा-अर्चना की। यह मंदिर हिन्दू धर्म के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इसे भगवान शिव तथा माता पार्वती का पवित्र निवास माना जाता है।

    प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा देश की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक मूल्यों के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती है। उन्होंने मंदिर में गहरी श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा की, और देशवासियों के कल्याण, सामाजिक सौहार्द, शांति एवं समृद्धि के लिए ईश्वर से विशेष आशीर्वाद की प्रार्थना की

    श्रीसैलम के श्री भ्रामरंबा मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर का धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व अत्यंत प्राचीन और विशेष है। यह मंदिर भारतीय उपमहाद्वीप के प्रमुख तीर्थ स्थलों में गिना जाता है, जो प्रत्येक वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

    मंदिर में भगवान शिव को ‘मल्लिकार्जुन’ के नाम से पूजा जाता है और माता पार्वती को ‘भ्रामरंबा’ के रूप में आराधित किया जाता है। यहाँ का ज्योतिर्लिंग हिंदू धर्म में दिव्यता और आध्यात्मिकता का उच्चतम प्रतीक माना जाता है।

    प्रधानमंत्री मोदी के इस दर्शन से मंदिर का गौरव और बढ़ गया है, जिससे यह धार्मिक स्थल न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अधिक प्रसिद्ध होगा।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर के मुख्य गर्भगृह में भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक, फूल-मालाओं से पूजा, और मंत्रोच्चारण किया। उन्होंने मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं से बातचीत की और देश की प्रगति, सामाजिक एकता, तथा समृद्धि के लिए आशावादी संदेश दिया।

    मोदी ने कहा, “धर्म और संस्कृति हमारे जीवन के मूल स्तंभ हैं। हमें इन्हें सहेजकर रखना है और देश में एकता व सौहार्द को बढ़ावा देना है। ऐसे धार्मिक स्थल हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं और हमें आत्मबल प्रदान करते हैं।”

    उन्होंने युवाओं से भी आह्वान किया कि वे अपने कर्तव्यों को निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएं ताकि भारत का विकास तेजी से हो सके।

    प्रधानमंत्री मोदी का यह मंदिर दर्शन राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे देश में धार्मिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन ने पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की, जिससे पूजा-अर्चना सुचारू रूप से संपन्न हो सकी।

    श्रीसैलम मंदिर के आसपास के क्षेत्र में पर्यटन को भी मजबूती मिलने की संभावना है, जिससे स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ होगा। इसके साथ ही इस यात्रा से देशभर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय संस्कृति का प्रसार होगा।

    प्रधानमंत्री के मंदिर दर्शन से स्थानीय श्रद्धालुओं में उत्साह और गर्व की भावना देखी गई। उन्होंने इस अवसर को ऐतिहासिक बताया और देश के लिए प्रधानमंत्री की दीर्घायु और सफलता की कामना की।

    मंदिर के पुजारियों ने प्रधानमंत्री मोदी की पूजा-अर्चना को अत्यंत शुभ और प्रेरणादायक बताया। कई धार्मिक गुरु और समाजसेवी भी इस यात्रा को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का श्रीसैलम के श्री भ्रामरंबा मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर में अर्चना करना न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी देश के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है। इससे न केवल धार्मिक आस्था को बल मिलेगा, बल्कि देश में एकता, सद्भाव और विकास की भावना भी प्रबल होगी।

  • Related Posts

    रवींद्र जडेजा ने रचा इतिहास, 350 टेस्ट विकेट के साथ कपिल देव के बाद खास क्लब में बनाई जगह

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।…

    Continue reading
    16 साल की उम्र में रचा इतिहास, लक्ष्मणन मय्यप्पन बने दुनिया के सबसे कम उम्र के चार्टर्ड अकाउंटेंट

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। जिस उम्र में अधिकांश किशोर अपने करियर और भविष्य को लेकर विकल्प तलाश रहे होते हैं, उस उम्र में लक्ष्मणन…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *