मध्य प्रदेश में आगामी चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। राज्य के 5.74 करोड़ मतदाताओं की सूची को लेकर प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इस प्रक्रिया के तहत रात 12 बजे से मतदाता सूची ‘फ्रीज़’ कर दी जाएगी, यानी इसके बाद कोई नया नामांकन या नाम हटाने का काम नहीं होगा।
मतदाता सूची का संशोधन अभियान 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण की जांच करेंगे और नए नामांकन फॉर्म भरेंगे। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आगामी चुनावों में सभी योग्य मतदाता सूची में शामिल हों और कोई भी पात्र मतदाता वोटिंग से वंचित न रहे।
मतदाता सूची संशोधन के दौरान मतदाता अपने नाम और विवरण की सत्यता की जांच कर सकते हैं। यदि किसी का नाम सही ढंग से सूची में नहीं है या कोई त्रुटि है, तो उसे सुधारने के लिए आवेदन किया जा सकता है। मसौदा सूची 8 दिसंबर 2025 को प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 8 जनवरी 2026 तक किसी भी आपत्ति या सुझाव को स्वीकार किया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम पहली सूची में मौजूद हैं, उन्हें अतिरिक्त आवेदन करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, यदि कोई विवरण बदलना है जैसे पता, उम्र या नाम में कोई गलती, तो मतदाता अपने नज़दीकी BLO से संपर्क कर सकते हैं।
इस बार मतदाता सूची संशोधन अभियान में तकनीकी सुविधाओं का भी उपयोग किया जाएगा। मतदाता ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने विवरण की जांच कर सकते हैं और आवश्यक सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि ऑनलाइन आवेदन की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी, लेकिन अंतिम नामांकन और संशोधन की प्रक्रिया केवल निर्धारित समय सीमा के भीतर ही मान्य होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता अधिकार सुनिश्चित करने और चुनाव में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। BLO द्वारा घर-घर जाकर किए जाने वाले निरीक्षण से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र मतदाता अपनी मतदान प्रक्रिया से वंचित न हो।
यदि किसी मतदाता का नाम मसौदा सूची में नहीं है, तो उसे आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा। इसमें आधार कार्ड, पहचान पत्र, निवास प्रमाण और अन्य आवश्यक दस्तावेज शामिल हैं। यह सुनिश्चित करेगा कि उनका नाम अंतिम सूची में शामिल हो और वे आगामी चुनाव में वोट डाल सकें।
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे सूची में किसी भी गलती को नजरअंदाज न करें। समय पर आपत्ति दर्ज करना बहुत जरूरी है, ताकि अंतिम मतदाता सूची में कोई त्रुटि न रह जाए। BLO और अन्य अधिकारी इस प्रक्रिया में मार्गदर्शन करेंगे और मतदाता को सही फॉर्म भरने में मदद करेंगे।
मतदाता सूची ‘फ्रीज़’ होने के बाद नई नामांकन प्रक्रिया स्थगित हो जाएगी। यह कदम चुनावी प्रक्रिया में सटीकता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के बाद किए गए आवेदन मान्य नहीं होंगे।
इस अभियान के दौरान मतदाता अपनी वर्तमान सूची की स्थिति को भी जांच सकते हैं। यदि किसी को लगता है कि उनका नाम गलत तरीके से सूची में शामिल किया गया है या कोई विवरण गलत है, तो वह उचित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज कर सकते हैं।
केंद्रीय और राज्य स्तर के चुनाव विशेषज्ञ मानते हैं कि यह अभियान मतदाता जागरूकता बढ़ाने और चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में मदद करेगा। इससे न केवल मतदान का प्रतिशत बढ़ेगा, बल्कि लोकतंत्र की मजबूती भी सुनिश्चित होगी।








