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मुंबई के आसमान में बुधवार की आधी रात अचानक तेज गर्जना सुनाई दी। लोग नींद से जाग उठे, कई बालकनियों और छतों पर आ गए। आसमान की ओर नजरें गईं तो वहां कुछ ऐसा दृश्य था, जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया। शहर के ऊपर भारतीय वायुसेना के सुखोई Su-30MKI फाइटर जेट्स बिजली की गति से उड़ान भरते नजर आए।
शहर में गूंजती इन विमानों की आवाज़ ने पहले तो लोगों को डराया, लेकिन जल्द ही साफ हुआ कि यह कोई आपात स्थिति नहीं, बल्कि भारतीय सशस्त्र बलों का एक महत्वपूर्ण सैन्य अभ्यास ‘त्रिशूल’ (Exercise Trishul) है।
भारतीय वायुसेना की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि मुंबई के विभिन्न इलाकों, विशेषकर वेस्टर्न कोस्टलाइन के ऊपर किए जा रहे ये उड़ान अभ्यास भारतीय नौसेना और थलसेना के साथ एक संयुक्त अभियान का हिस्सा हैं। यह अभ्यास देश की तटीय सुरक्षा और तीनों सेनाओं की संयुक्त क्षमता को परखने के लिए किया जा रहा है।
वायुसेना ने स्पष्ट किया कि इन अभ्यासों का उद्देश्य अचानक परिस्थितियों में प्रतिक्रिया देने की तैयारी को परखना है। इसमें सुखोई Su-30MKI, मिग-29K, एएन-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर स्क्वाड्रन भी शामिल हैं।
मुंबई के लोगों में उत्सुकता और रोमांच
मुंबई के बांद्रा, अंधेरी, गोरेगांव, वर्ली और दक्षिण मुंबई जैसे इलाकों से लोगों ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो साझा किए, जिनमें साफ दिखाई दे रहा था कि आसमान में लड़ाकू विमान बेहद करीब से उड़ान भर रहे थे। कई लोगों ने ट्विटर (अब X) और इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा — “आधी रात को आसमान में इतनी तेज गड़गड़ाहट सुनी कि लगा कुछ बड़ा होने वाला है, लेकिन जब सुखोई दिखे तो गर्व भी हुआ।”
कुछ निवासियों ने इसे पहले किसी संभावित आतंकी खतरे या मिसाइल परीक्षण से जोड़कर चिंता जताई, लेकिन वायुसेना की आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद स्थिति सामान्य हो गई।
‘त्रिशूल’ अभ्यास की खासियत
‘त्रिशूल अभ्यास’ भारत की तीनों सेनाओं — थलसेना, नौसेना और वायुसेना — का संयुक्त रणनीतिक अभियान है। इसका उद्देश्य है कि युद्धकाल या आपदा के समय तीनों बल किस तरह समन्वित होकर काम कर सकते हैं, इसका अभ्यास किया जाए। यह अभ्यास वेस्टर्न थिएटर कमांड के अंतर्गत संचालित होता है और इसमें महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा के तटीय इलाकों में हवाई, समुद्री और जमीनी ऑपरेशन शामिल किए जाते हैं।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि मुंबई जैसे महानगर के पास इस तरह के अभ्यास से यह संदेश भी जाता है कि भारत की सेना हर परिस्थिति में तैयार है। यह अभ्यास आधुनिक तकनीक, नेटवर्क-केंद्रित युद्ध और संयुक्त मिशन कम्युनिकेशन सिस्टम पर केंद्रित है।
भारतीय वायुसेना की भूमिका
सुखोई Su-30MKI, भारतीय वायुसेना का सबसे उन्नत मल्टीरोल फाइटर जेट है। रूस में डिजाइन किए गए इस विमान को भारत की जरूरतों के अनुसार बनाया गया है। यह न केवल दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला करने में सक्षम है, बल्कि रडार और मिसाइल डिटेक्शन में भी अत्यधिक उन्नत है।
मुंबई के आसमान में इन विमानों की उड़ान इस बात का प्रमाण है कि भारतीय वायुसेना किसी भी आकस्मिक स्थिति में पश्चिमी तट की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की तैयारी
मुंबई पुलिस और स्थानीय प्रशासन को भी इस अभ्यास की पूर्व सूचना दी गई थी ताकि आम नागरिकों में किसी तरह की अफवाह या घबराहट न फैले। बावजूद इसके, रात के समय विमान की तेज आवाज ने कुछ इलाकों में अस्थायी हलचल जरूर पैदा कर दी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा — “यह अभ्यास देश की सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुंबई एक रणनीतिक शहर है, इसलिए यहां की हवाई और समुद्री निगरानी को परखना समय-समय पर जरूरी होता है।”
लोगों में देशभक्ति का जोश
जैसे ही यह खबर फैली कि आसमान में गूंज रहे फाइटर जेट भारतीय वायुसेना के हैं, सोशल मीडिया पर देशभक्ति की लहर दौड़ गई। लोग ‘जय हिंद’ और ‘भारतीय वायुसेना अमर रहे’ जैसे हैशटैग के साथ वीडियो और फोटो साझा करने लगे।
मुंबई के नागरिकों ने कहा कि इस तरह के अभ्यास देखकर गर्व महसूस होता है कि हमारी सेनाएं इतनी सतर्क और सक्षम हैं। एक यूज़र ने लिखा — “आधी रात को आसमान में जब सुखोई की गरज सुनी, तो डर गया था, लेकिन अब समझ आया कि हमारे आसमान की रखवाली वाकई शेर कर रहे हैं।”
मुंबई की इस अनोखी रात ने जहां कुछ लोगों को चौंकाया, वहीं लाखों नागरिकों को गर्व से भर दिया। भारतीय वायुसेना के सुखोई विमानों की यह गर्जना सिर्फ एक अभ्यास नहीं थी, बल्कि यह भारत की सामरिक शक्ति और सुरक्षा के प्रति उसके दृढ़ संकल्प का प्रतीक थी।








