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Zoho के सीआईओ श्रीधर वेम्बू ने हाल ही में अपनी लोकप्रिय चैट और कम्युनिकेशन ऐप अरट्टई के सबसे बड़े फीचर को लेकर यूजर्स से राय मांगी है। यह फीचर एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन से जुड़ा है, जो यूजर्स की चैट और कॉल्स को पूरी तरह सुरक्षित रखने का काम करेगा। श्रीधर वेम्बू ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर पोस्ट करते हुए यूजर्स से सुझाव मांगे कि वे इस फीचर को और बेहतर बनाने के लिए क्या बदलाव या सुधार देखना चाहेंगे।
एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन (E2EE) एक ऐसी तकनीक है जो यूजर्स की बातचीत को सुरक्षित बनाती है। इसका मतलब है कि केवल भेजने और प्राप्त करने वाले व्यक्ति ही मैसेज पढ़ सकते हैं, और बीच में कोई भी—चाहे वह हैकर्स हों या सर्वर एडमिन—मैसेज को एक्सेस नहीं कर सकता। अरट्टई में यह फीचर आने से यूजर्स की निजी जानकारी और डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
Zoho के यूजर्स को यह सुविधा पहले से ही कई ऐप्स में उपलब्ध है, लेकिन अरट्टई में इसे जोड़ने का उद्देश्य सभी चैट और कॉल्स को प्राइवेट और सुरक्षित बनाना है। इस कदम से ऐप की विश्वसनीयता बढ़ेगी और यूजर्स की सुरक्षा के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता भी दिखेगी।
श्रीधर वेम्बू ने स्पष्ट किया है कि कंपनी यूजर्स की राय को महत्व देती है। एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन जैसे संवेदनशील फीचर के लिए उपयोगकर्ताओं की अपेक्षाओं और सुझावों को समझना ज़रूरी है। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि अरट्टई के यूजर्स बताएं कि उन्हें किस प्रकार की सुविधाएं या सुधार इस फीचर में चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल यूजर-फोकस्ड ऐप डेवलपमेंट की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे यूजर्स को लगेगा कि उनकी राय का सम्मान किया जा रहा है और ऐप उनके अनुभव को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया जा रहा है।
श्रीधर वेम्बू की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस फीचर पर विचार साझा करना शुरू कर दिया है। कई लोग चाहते हैं कि फीचर में ग्रुप चैट सुरक्षा, फाइल शेयरिंग सुरक्षा, और मल्टी-डिवाइस सपोर्ट जैसे विकल्प भी शामिल हों। कुछ यूजर्स ने सुझाव दिया कि E2EE फीचर के साथ बैकअप डेटा एन्क्रिप्शन का विकल्प भी दिया जाए ताकि क्लाउड पर डेटा सुरक्षित रहे।
इस पहल ने यूजर्स को यह महसूस कराया है कि अरट्टई सिर्फ एक सामान्य चैट ऐप नहीं है, बल्कि सुरक्षा और प्राइवेसी पर आधारित प्लेटफॉर्म बनने की दिशा में अग्रसर है।
अरट्टई में एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन फीचर आने के बाद ऐप की लोकप्रियता और विश्वसनीयता बढ़ सकती है। यूजर्स को अपने डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा मिलेगा। इसके अलावा, व्यवसायिक यूजर्स और प्राइवेट कम्युनिकेशन की जरूरत रखने वाले लोग इस ऐप की ओर अधिक आकर्षित होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फीचर डिजिटल सुरक्षा के नए मानक स्थापित कर सकता है। यह न केवल व्यक्तिगत चैट और कॉल्स को सुरक्षित बनाएगा, बल्कि व्यवसायिक डेटा और संवेदनशील जानकारी को भी सुरक्षित रखने में मदद करेगा।








