• Create News
  • मीरा रोड मेट्रो कार शेड परियोजना रद्द, स्थानीय विरोध के बाद MMRDA का बड़ा फैसला — अब कहां बनेगा नया रूट?

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने मीरा-भायंदर क्षेत्र में प्रस्तावित मेट्रो कार शेड परियोजना को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। यह निर्णय स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों के तीव्र विरोध के बाद लिया गया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि उत्तन क्षेत्र में प्रस्तावित कार शेड परियोजना अब नहीं बनेगी और इसके लिए जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी किया जाएगा।

    इस परियोजना के लिए उत्तन क्षेत्र की जमीन अधिग्रहित की गई थी, जहां हजारों पेड़ों की कटाई की संभावना थी। स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने शुरू से ही इस योजना का विरोध किया था। उनका कहना था कि यह क्षेत्र पारिस्थितिक दृष्टि से संवेदनशील है और यहां के जंगल, समुद्री किनारे और प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचाने वाली कोई भी परियोजना स्थानीय संतुलन को बिगाड़ सकती है।

    मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर कई बार चर्चा हुई और आखिरकार यह निर्णय लिया गया कि परियोजना को फिलहाल रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसलिए, मीरा-भायंदर मेट्रो के लिए कार शेड के नए स्थान की पहचान की जाएगी, जो पर्यावरणीय रूप से उपयुक्त हो और स्थानीय लोगों को असुविधा न हो।

    मीरा-भायंदर मेट्रो परियोजना को मुंबई महानगरीय परिवहन नेटवर्क से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यह मेट्रो लाइन मीरा रोड, भायंदर और दहिसर के बीच ट्रैफिक का दबाव कम करने में अहम भूमिका निभाने वाली है। हालांकि, परियोजना के लिए कार शेड का चयन लंबे समय से विवादों में घिरा रहा है।

    स्थानीय सामाजिक संगठनों, फिशरमैन यूनियनों और नागरिक समूहों ने उत्तन क्षेत्र में निर्माण का विरोध करते हुए कई बार प्रदर्शन किए। उनका कहना था कि इस इलाके में मेट्रो कार शेड बनाना समुद्री पारिस्थितिकी के लिए खतरा साबित होगा। उत्तन, गोराई और मड आइलैंड क्षेत्र पहले से ही पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील ज़ोन के रूप में चिन्हित हैं।

    MMRDA के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने इस परियोजना की पर्यावरणीय समीक्षा की थी और रिपोर्ट में यह सामने आया कि क्षेत्र में पेड़ों की कटाई, भूमि समतलीकरण और जल निकासी तंत्र में बदलाव से दीर्घकालिक नुकसान हो सकता है। इसी कारण एजेंसी ने इसे रद्द करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।

    इस फैसले के बाद स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने राहत की सांस ली है। उत्तन नागरिक संगठन के सदस्य संजय डी’सूजा ने कहा, “हम महीनों से इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे थे। यह हमारी जीत नहीं, बल्कि प्रकृति की जीत है। सरकार ने आखिरकार जनता की आवाज सुनी।”

    वहीं, शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय संतुलित विकास की दिशा में एक सही कदम है। शहर को अवसंरचना की जरूरत है, लेकिन इसके साथ पर्यावरण का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। अब MMRDA वैकल्पिक स्थानों की तलाश में जुट गया है, जहां यह कार शेड बिना पर्यावरणीय क्षति के बनाया जा सके।

    सूत्रों के अनुसार, दहिसर और काशीमीरा के बीच कुछ सरकारी जमीनों पर विचार किया जा रहा है। वहीं, कुछ तकनीकी विशेषज्ञ यह सुझाव दे रहे हैं कि कार शेड को किसी पहले से विकसित औद्योगिक क्षेत्र में शिफ्ट किया जाए ताकि नए भूमि अधिग्रहण की जरूरत न पड़े।

    मीरा-भायंदर मेट्रो प्रोजेक्ट का काम पहले ही तय समय से पीछे चल रहा है, और अब कार शेड परियोजना के रद्द होने से इसकी गति और धीमी हो सकती है। हालांकि, MMRDA ने यह स्पष्ट किया है कि इस फैसले का असर मुख्य मेट्रो रूट पर नहीं पड़ेगा और यात्रियों की सुविधा के लिए निर्माण कार्य जारी रहेगा।

    यह फैसला मुंबई महानगर क्षेत्र में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन की दिशा में एक अहम उदाहरण माना जा रहा है। जहां एक ओर यह स्थानीय नागरिकों की जीत है, वहीं दूसरी ओर यह सरकार की उस नीति को भी दर्शाता है, जिसमें विकास योजनाओं को अब पर्यावरणीय और सामाजिक दृष्टि से परखा जा रहा है।

  • Related Posts

    गरीबी से ग्रोथ तक: अजय नवखरे और सुधाकर मलवार की Brand Enterprises ने बनाया युवाओं के लिए रोजगार का मजबूत मंच

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। कठिन परिस्थितियों में जन्म लेकर भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का साहस ही किसी सच्चे उद्यमी की…

    Continue reading
    Allen की आक्रामकता बनाम Markram की रणनीति: T20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में न्यूज़ीलैंड की निडर बल्लेबाज़ी का सामना दक्षिण अफ्रीका के संतुलन से

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। आईसीसी नॉकआउट मुकाबलों में न्यूज़ीलैंड की पहचान हमेशा संयम और निर्णायक क्षणों में साहसिक प्रदर्शन की रही है, जबकि 2026…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *