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मुंबई के यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से चल रहा सांताक्रूज़-चेंबूर लिंक रोड (SCLR) एक्सटेंशन प्रोजेक्ट, जो वकोला को बांद्रा-कुरला कॉम्प्लेक्स (BKC) से जोड़ने वाला है, अब तेजी से आकार ले रहा है। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने बताया है कि इस एक्सटेंशन प्रोजेक्ट का काम अंतिम चरण में है और इसके पूरा होने के बाद पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों के बीच यात्रा का समय काफी हद तक कम हो जाएगा।
MMRDA अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के तहत सांताक्रूज़ स्टेशन के पूर्वी हिस्से से वकोला नाला तक और आगे बीकेसी तक एक नई लिंक रोड तैयार की जा रही है। यह लिंक रोड सांताक्रूज़-चेंबूर लिंक रोड (SCLR) का विस्तार होगा, जो पहले से ही मुंबई के प्रमुख यातायात मार्गों में से एक है। वर्तमान में इस एक्सटेंशन की लगभग 75 प्रतिशत से अधिक निर्माण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
SCLR एक्सटेंशन प्रोजेक्ट को मुंबई में ट्रैफिक प्रबंधन की दृष्टि से एक “गेम चेंजर” माना जा रहा है। अभी तक वकोला से बीकेसी जाने वाले यात्रियों को लंबा चक्कर लगाकर कुरला और कलिना के रास्ते से गुजरना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है। लेकिन नए एक्सटेंशन के बन जाने से यह दूरी लगभग आधी हो जाएगी और यात्रा का समय 25–30 मिनट से घटकर मात्र 10 मिनट रह जाएगा।
परियोजना के डिजाइन के अनुसार, इस एक्सटेंशन में 1.2 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें दो लेन का फ्लाईओवर, फुटपाथ और ड्रेनेज सिस्टम शामिल है। सड़क के दोनों ओर साउंड बैरियर्स और हरियाली विकसित की जा रही है ताकि बीकेसी के कॉर्पोरेट और रिहायशी इलाकों पर ध्वनि प्रदूषण का असर न पड़े।
MMRDA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “वकोला-बांद्रा लिंक के पूरा होने से SCLR की कार्यक्षमता और बढ़ जाएगी। यह सड़क न सिर्फ बीकेसी बल्कि वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और सांताक्रूज़ एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी। यह प्रोजेक्ट मुंबई के परिवहन नेटवर्क में एक बड़ा परिवर्तन लाएगा।”
स्थानीय निवासियों और यात्रियों के बीच भी इस परियोजना को लेकर उत्साह है। सांताक्रूज़ और वकोला के बीच रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं, जो ट्रैफिक जाम से परेशान रहते हैं। बीकेसी, जो मुंबई का प्रमुख बिजनेस हब है, तक पहुंचने में हर दिन घंटों का समय लगता है। इस नई लिंक रोड के खुलने से कामकाजी लोगों और ऑफिस कम्यूटरों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
वहीं, बीकेसी क्षेत्र में कार्यरत कॉर्पोरेट कर्मचारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से ट्रैफिक प्रेशर में भारी कमी आएगी। सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में यह नया मार्ग सबसे कारगर साबित होगा।
पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी इस परियोजना को टिकाऊ बनाने पर जोर दिया गया है। सड़क निर्माण में कम प्रदूषण फैलाने वाली तकनीक और रीसायकल्ड मटेरियल का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही, नाला और ड्रेनेज सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है ताकि बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या न हो।
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग ₹275 करोड़ बताई जा रही है। MMRDA के अनुसार, अगर मौसम अनुकूल रहा, तो अगले कुछ महीनों में एक्सटेंशन का उद्घाटन कर दिया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद MMRDA की योजना है कि बीकेसी को वाकोला, कुर्ला और सांताक्रूज़ स्टेशन के साथ एकीकृत बस और साइकिल नेटवर्क से भी जोड़ा जाए, जिससे यातायात का दबाव और कम किया जा सके।
मुंबई के शहरी नियोजन विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट शहर के लिए दीर्घकालिक राहत लेकर आएगा। मुंबई में हर साल बढ़ती गाड़ियों की संख्या के चलते सड़कों पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में, SCLR एक्सटेंशन जैसी परियोजनाएं न केवल यात्रा को सुगम बनाएंगी बल्कि शहर के आर्थिक केंद्रों तक पहुंच को भी सुलभ करेंगी।
वर्तमान में MMRDA मुंबई में कई अन्य प्रमुख कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है, जिनमें मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (MTHL), वर्सोवा-वांद्रे सी लिंक और गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद मुंबई के पश्चिमी और पूर्वी इलाकों के बीच सफर में ऐतिहासिक सुधार देखने को मिलेगा।
वकोला से बीकेसी को जोड़ने वाला यह SCLR एक्सटेंशन प्रोजेक्ट मुंबई के विकास की कहानी में एक और अहम अध्याय जोड़ने वाला है — जहां हर दिन लाखों लोगों के लिए यात्रा सिर्फ तेज नहीं, बल्कि आरामदायक और पर्यावरण-संवेदनशील भी बनेगी।








