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दुनिया भर में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की सफलता ने क्रिकेट का चेहरा पूरी तरह बदल दिया है। हर देश अब अपनी फ्रेंचाइजी बेस्ड टी20 लीग शुरू करने की दौड़ में शामिल है। इसी कड़ी में न्यूजीलैंड से एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। वहां जनवरी 2026 में IPL की तर्ज पर एक निजी टी20 लीग शुरू करने की तैयारी चल रही है, जिसे लेकर न्यूजीलैंड मीडिया में यह सनसनीखेज आरोप लगाया गया है कि इस लीग को भारतीय पैसे से फंड किया जा रहा है और इसका मकसद न्यूजीलैंड क्रिकेट की सत्ता पर अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रण हासिल करना है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस लीग का आयोजन न्यूजीलैंड क्रिकेट (NZC) के अधिकार क्षेत्र से बाहर किया जा रहा है। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने इस टूर्नामेंट को कोई आधिकारिक मान्यता नहीं दी है, लेकिन कई पुराने दिग्गज खिलाड़ी इस प्रोजेक्ट से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। न्यूजीलैंड मीडिया के अनुसार, लीग के आयोजकों को भारत के कुछ बड़े कॉरपोरेट ग्रुप्स और स्पोर्ट्स इन्वेस्टमेंट कंपनियों से फंडिंग मिल रही है।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद न्यूजीलैंड में क्रिकेट प्रशासन में हलचल मच गई है। कहा जा रहा है कि अगर यह लीग सफल होती है, तो देश में क्रिकेट के ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे न केवल क्रिकेट के आर्थिक मॉडल में बदलाव आएगा, बल्कि क्रिकेट बोर्ड की पारंपरिक सत्ता भी चुनौती में पड़ सकती है।
न्यूजीलैंड क्रिकेट (NZC) ने हालांकि अब तक इस लीग पर कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है। बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि वे स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं और अगर यह लीग बिना अनुमति के शुरू की जाती है, तो इसके खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जाएगा। क्रिकेट के नियमों के अनुसार, किसी भी मान्यता प्राप्त देश में कोई टूर्नामेंट तभी वैध माना जाता है जब उसे राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड की मंजूरी प्राप्त हो।
दूसरी ओर, इस प्रस्तावित टी20 लीग के समर्थकों का कहना है कि यह न्यूजीलैंड के क्रिकेटर्स को वित्तीय मजबूती देगा और घरेलू स्तर पर नए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच मिलेगा। उनका तर्क है कि देश में क्रिकेटरों की आय सीमित है और निजी निवेश से इस खेल को नई दिशा मिल सकती है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल इस बात पर है कि क्या इस लीग के जरिए वास्तव में भारतीय फंडिंग से न्यूजीलैंड क्रिकेट की सत्ता बदलने की साजिश रची जा रही है? कुछ स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह तक कहा गया है कि इस प्रोजेक्ट के पीछे भारत के कुछ स्पोर्ट्स एजेंट्स और IPL फ्रेंचाइजी से जुड़े निवेशक हैं, जो न्यूजीलैंड के बाजार में कदम जमाने की कोशिश कर रहे हैं।
अगर यह दावे सच साबित होते हैं, तो यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है। ICC के पास ऐसे मामलों पर सख्त दिशानिर्देश हैं, जिसमें किसी विदेशी निवेश से किसी राष्ट्रीय क्रिकेट सिस्टम पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण हासिल करने की कोशिश को खेल की स्वायत्तता के लिए खतरा माना जाता है।
कई क्रिकेट विश्लेषक मानते हैं कि न्यूजीलैंड में क्रिकेट हमेशा से अपनी सादगी और पारदर्शिता के लिए जाना जाता रहा है। वहां IPL जैसी लीग शुरू होने से खेल की दिशा बदल सकती है, लेकिन अगर इसके पीछे किसी बाहरी फंडिंग का राजनीतिक या कारोबारी एजेंडा है, तो यह देश के खेल तंत्र के लिए गंभीर खतरा हो सकता है।
फिलहाल, न्यूजीलैंड में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है। क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अधिकारी और कुछ दिग्गज खिलाड़ी भी इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। जहां एक पक्ष इसे क्रिकेट के लिए नए अवसर के रूप में देख रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे “क्रिकेट की स्वतंत्रता पर खतरा” बता रहा है।
कुल मिलाकर, न्यूजीलैंड क्रिकेट में यह नया विवाद खेल से ज्यादा सत्ता और नियंत्रण की लड़ाई जैसा नजर आ रहा है। अगर यह लीग भारतीय फंडिंग से चलती है, जैसा कि मीडिया में दावा किया जा रहा है, तो यह मामला आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियों में रहेगा। फिलहाल सभी की निगाहें न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड और ICC की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं, जो यह तय करेगी कि इस ‘क्रिकेट क्रांति’ को मंजूरी मिलेगी या इसे रोक दिया जाएगा।








