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बॉलीवुड की चर्चित हस्तियों में से एक संजय खान की पत्नी जरीन कटरक का 81 साल की उम्र में निधन हो गया। जरीन खान न केवल सुजैन खान की मां थीं, बल्कि हिंदी सिनेमा के दौर में अपनी अभिनय प्रतिभा के लिए भी जानी जाती थीं। उनके निधन की खबर ने बॉलीवुड जगत और उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ा दी है।
जरीन कटरक ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1960 के दशक में की थी। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘तेरे घर के सामने’ (1963) शामिल है, जिसमें उन्होंने देव आनंद के साथ काम किया था। फिल्मों में उनके अभिनय की शैली और सहजता को आज भी कई लोग याद करते हैं। जरीन ने बॉलीवुड की दुनिया में अपने योगदान के अलावा अपने परिवार को भी हमेशा महत्व दिया।
उनकी बेटी सुजैन खान ने सोशल मीडिया पर अपनी मां के निधन पर भावुक संदेश साझा किया। सुजैन ने लिखा, “मां, आप हमेशा हमारे लिए सबसे मजबूत औरत रही हैं। आपकी यादें और आपके द्वारा दी गई सीख हमेशा हमारे साथ रहेंगी।” सुजैन के इस संदेश ने उनके परिवार और चाहने वालों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया।
जरीन का जीवन केवल फिल्मों तक सीमित नहीं था। उन्होंने अपने परिवार के लिए समर्पित जीवन जीया और बेटी सुजैन और संजय खान के बच्चों के लिए हमेशा मार्गदर्शन किया। उनका व्यक्तित्व सरल, प्रभावशाली और साहसिक था। उनकी जीवन यात्रा ने दिखाया कि एक महिला कैसे परिवार, करियर और समाज में संतुलन बना सकती है।
बॉलीवुड जगत में जरीन कटरक की यादें उनके साथ काम करने वाले अभिनेताओं और फिल्म निर्माताओं के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगी। देव आनंद और अन्य समकालीन कलाकारों के साथ उनके कार्य ने हिंदी सिनेमा को एक नया रंग दिया। उनके फिल्मी योगदान ने उन्हें उस दौर के दर्शकों के बीच खास स्थान दिलाया।
जरीन कटरक का निधन संजय खान और उनके परिवार के लिए एक बड़ी क्षति है। परिवार के करीबी सूत्रों ने बताया कि जरीन ने अंतिम समय तक अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखा, लेकिन उम्र के कारण उनका शरीर कमजोर हो गया। उनके निधन के बाद परिवार और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से उन्हें श्रद्धांजलि दी।
संजय खान ने भी इस अवसर पर परिवार और फैंस के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि जरीन ने हमेशा परिवार की भलाई और खुशियों को प्राथमिकता दी। उन्होंने यह भी कहा कि जरीन का व्यक्तित्व और उनकी यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी।
जरीन कटरक का योगदान केवल फिल्मों तक ही सीमित नहीं रहा। उन्होंने जीवन भर अपने परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाई। उनका व्यक्तित्व और उनकी ताकत उनके आसपास के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत रही। सुजैन खान और परिवार ने उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है।








