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भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे ध्रुव जुरेल ने अपने शानदार प्रदर्शन से एक बार फिर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ चल रही अनाधिकारिक टेस्ट सीरीज में जुरेल ने दोनों पारियों में शतक लगाकर इतिहास रच दिया है। पहली पारी में उन्होंने 132 रन बनाए थे और अब दूसरी पारी में 127 रनों की शानदार पारी खेली है। वह नमन ओझा के बाद ऐसे दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने इंडिया ए के लिए एक ही मैच की दोनों पारियों में शतक लगाने का अनोखा कारनामा किया है।
बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड पर खेले जा रहे इस मुकाबले में भारत की स्थिति एक समय काफी कमजोर नजर आ रही थी। टीम ने 116 रन के भीतर अपने पांच विकेट खो दिए थे। इस कठिन परिस्थिति में ध्रुव जुरेल ने मैदान पर कदम रखा और टीम को संकट से बाहर निकाला। उन्होंने 159 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया और 127 रन बनाकर पारी को मजबूती दी। उनकी इस पारी में बेहतरीन टाइमिंग, धैर्य और तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिला।
24 वर्षीय ध्रुव जुरेल का यह फर्स्ट क्लास करियर का पांचवां शतक है। वह लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और अब इंडिया ए के लिए लगातार रन बनाकर चयनकर्ताओं को प्रभावित कर रहे हैं। खास बात यह है कि वह विकेटकीपिंग के साथ बल्लेबाजी में भी कमाल दिखा रहे हैं, जिससे उन्हें भविष्य में टीम इंडिया के लिए एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
ऋषभ पंत की चोट के बाद ध्रुव जुरेल को मौका मिला था और उन्होंने इस अवसर का पूरा फायदा उठाया। वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी उन्होंने जिम्मेदारी भरी पारियां खेलीं और अब साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ दोनों पारियों में शतक ठोककर उन्होंने चयनकर्ताओं के सामने एक बड़ा संदेश दे दिया है कि वह लंबे समय तक टीम में बने रहने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
ध्रुव जुरेल की बल्लेबाजी में सबसे खास बात यह है कि वह दबाव की परिस्थिति में भी संयम नहीं खोते। मुश्किल हालात में भी वह अपनी पारी को संभालते हुए खेलते हैं। उनकी तकनीकी मजबूती और शॉट चयन उन्हें एक परिपक्व बल्लेबाज बनाता है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जुरेल भविष्य में भारतीय टीम के लिए टेस्ट फॉर्मेट में एक बड़ा नाम बन सकते हैं।
इंडिया ए के कोच और पूर्व क्रिकेटरों ने भी जुरेल की इस उपलब्धि की जमकर सराहना की है। उनका कहना है कि ध्रुव जुरेल न केवल भविष्य के विकेटकीपर बल्लेबाज हैं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की नई पीढ़ी के आत्मविश्वास का प्रतीक भी हैं।
ध्रुव जुरेल की यह उपलब्धि भारतीय टीम प्रबंधन के लिए भी राहत भरी है क्योंकि ऋषभ पंत की चोट के बाद लंबे समय से एक भरोसेमंद विकेटकीपर-बल्लेबाज की तलाश चल रही थी। अब जुरेल के प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में वह पंत को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।
ध्रुव जुरेल के इस डबल शतक प्रदर्शन ने क्रिकेट प्रेमियों के बीच नई उम्मीद जगा दी है। उनकी बल्लेबाजी न केवल टीम को मजबूती दे रही है बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य को भी एक नई दिशा दिखा रही है।








