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बॉलीवुड के एक्सपेरिमेंटल डायरेक्टर अनुराग कश्यप एक बार फिर अपनी अनोखी कहानी कहने की शैली के साथ दर्शकों के सामने लौट आए हैं। उनकी हालिया फिल्म ‘निशानची’, जो सितंबर 2025 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, अब OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने जा रही है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भले ही कोई कमाल न दिखा पाई हो, लेकिन समीक्षकों ने इसकी कहानी और अनुराग के निर्देशन को सराहा है।
‘निशानची’ को अनुराग कश्यप के करियर की उन फिल्मों में गिना जा रहा है जो उनकी कल्ट क्लासिक ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ की शैली में बनाई गई हैं। देसी ठेठ बोली, तेज डायलॉग्स, कच्चे किरदार और उत्तर भारत की राजनीति के बीच बुनती यह फिल्म उस ‘वासेपुर’ फील को फिर से जीवित करती है, जिसने 2012 में हिंदी सिनेमा की दिशा और दशा दोनों बदल दी थी।
अनुराग कश्यप की ‘निशानची’ में क्या है खास
‘निशानची’ एक क्राइम ड्रामा फिल्म है, जिसकी कहानी एक छोटे शहर के राजनीतिक परिवार और वहां की गैंगवार पर आधारित है। फिल्म सत्ता, बदला और पहचान के इर्द-गिर्द घूमती है। अनुराग कश्यप ने इसे एक ऐसे सामाजिक परिदृश्य में गढ़ा है जहां हर किरदार अपने भीतर के शैतान से लड़ रहा है।
फिल्म में ठाकरे परिवार से ताल्लुक रखने वाले ऐश्वर्य ठाकरे, जो बालासाहब ठाकरे के पोते हैं, ने डबल रोल में डेब्यू किया है। उनके साथ वेदिका पिंटो, कुमुद मिश्रा, विनीत कुमार सिंह, और मोहम्मद जीशान अय्यूब जैसे मंझे हुए कलाकारों ने काम किया है। ऐश्वर्य ठाकरे का डेब्यू भले ही बॉक्स ऑफिस पर खास असर नहीं छोड़ पाया, लेकिन आलोचकों ने उनकी मेहनत और स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ की है।
बॉक्स ऑफिस पर क्यों नहीं चली ‘निशानची’
सितंबर में रिलीज हुई यह फिल्म बड़े पर्दे पर खास कमाई नहीं कर सकी। भारत में इसका कुल नेट कलेक्शन 1.31 करोड़ रुपये तक सीमित रहा, जिससे यह फिल्म डिजास्टर साबित हुई। हालांकि जिन दर्शकों ने इसे देखा, उन्होंने इसकी सिनेमैटिक क्वालिटी और कहानी के ट्रीटमेंट को सराहा। अनुराग कश्यप की फिल्मों की खासियत यही रही है कि वह व्यावसायिक सफलता की जगह कंटेंट को प्राथमिकता देते हैं।
IMDb पर औसत से बेहतर रेटिंग
‘निशानची’ को IMDb पर 6.6 रेटिंग मिली है, जो इसे औसत से बेहतर श्रेणी में रखती है। यह रेटिंग बताती है कि फिल्म में दम तो है, लेकिन इसकी शैली और ट्रीटमेंट आम दर्शक के स्वाद से थोड़ा अलग है। फिल्म के सिनेमैटोग्राफी, एडिटिंग और बैकग्राउंड म्यूजिक को खासतौर पर सराहा गया है।
अब OTT पर नया सफर शुरू
थिएटर में असफल रहने के बावजूद अब फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपनी दूसरी पारी खेलने जा रही है। फिल्म की स्ट्रीमिंग इस हफ्ते से शुरू होगी। ओटीटी रिलीज के साथ उम्मीद की जा रही है कि यह फिल्म उन दर्शकों तक पहुंचेगी जो अनुराग कश्यप के सिनेमा को घर बैठे देखना पसंद करते हैं।
अनुराग कश्यप की फिल्मों की पहचान हमेशा से उनकी रियलिस्टिक एप्रोच, डार्क नैरेटिव और देसी बोलचाल के डायलॉग्स रही है। ‘निशानची’ में भी वही ‘वासेपुर’ स्टाइल की कच्ची सच्चाई नजर आती है — गांव की गलियों से लेकर सत्ता के गलियारों तक फैला अपराध, राजनीति और इंसानी लालच का ताना-बाना।
‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ की छाया में ‘निशानची’
‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ की सफलता के बाद अनुराग कश्यप को हमेशा से उम्मीदों के बोझ तले फिल्में बनानी पड़ी हैं। ‘निशानची’ में उन्होंने फिर उसी टोन को बरकरार रखा है — देसी हिंसा, स्थानीय बोली और अंडरवर्ल्ड की कहानी के साथ। हालांकि इस बार कहानी थोड़ी धीमी है, लेकिन इसमें किरदारों की गहराई और संवादों की ताकत दर्शकों को जोड़े रखती है।
फिल्म का संगीत और तकनीकी पक्ष
फिल्म का संगीत देसी रॉक स्टाइल में है, जिसे अनुराग के सहयोगी संगीतकार स्नेहा खानवलकर ने तैयार किया है। कैमरा वर्क और एडिटिंग में कच्चापन फिल्म की थीम के अनुरूप रखा गया है। यही रियलिज्म फिल्म को बाकी क्राइम ड्रामा से अलग बनाता है।
अब जब ‘निशानची’ ओटीटी पर आ रही है, तो यह उन दर्शकों के लिए खास मौका है जिन्होंने इसे सिनेमाघरों में मिस किया था। अनुराग कश्यप की यह फिल्म शायद बड़े पर्दे पर फ्लॉप रही हो, लेकिन छोटे पर्दे पर इसे नया जीवन मिलने की पूरी संभावना है।
इस हफ्ते ओटीटी पर ‘निशानची’ देखने के बाद एक बार फिर महसूस होगा कि अनुराग कश्यप अभी भी उसी ‘वासेपुर’ स्टाइल के निशाने पर हैं — जहां सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सच्चाई का आईना भी होता है।







