बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के तहत 11 नवंबर को औरंगाबाद जिले की कुटुम्बा विधानसभा सीट पर मतदान जारी है। सुबह 11 बजे तक इस सीट पर लगभग 33 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है। कुटुम्बा सीट इस बार कांग्रेस और एनडीए के बीच एक निर्णायक लड़ाई का केंद्र बनी हुई है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार उर्फ राजेश राम तीसरी बार इस सीट से जीत दर्ज करने के इरादे से मैदान में हैं। वे कांग्रेस के लिए इस सीट को जीतकर अपनी हैट्रिक पूरी करना चाहते हैं। राजेश राम का मुकाबला इस बार एनडीए के उम्मीदवार ललन राम से है। इसके अलावा जन सुराज पार्टी के श्याम बलि राम भी त्रिकोणीय मुकाबले में अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
सुबह से ही कुटुम्बा के विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। स्थानीय प्रशासन ने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को पूरी तरह सुनिश्चित किया है। कोविड-19 और अन्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मतदान कराया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह से ही युवा और बुजुर्ग दोनों ही बड़ी संख्या में मतदान के लिए पहुंचे हैं। कई मतदाता सुबह-सुबह ही मतदान केंद्र पहुंचकर लोकतंत्र में अपनी हिस्सेदारी निभाने की भावना दिखा रहे हैं।
कुटुम्बा विधानसभा सीट पर इस बार कांग्रेस के लिए यह एक प्रतिष्ठा की लड़ाई है। राजेश राम पहले दो बार इस सीट से जीत चुके हैं और तीसरी बार जीत दर्ज करने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी जीत न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि होगी बल्कि कांग्रेस के लिए इस क्षेत्र में राजनीतिक प्रभाव को मजबूत करने का अवसर भी होगा।
राजेश राम की लोकप्रियता का कारण उनका स्थानीय लोगों के बीच सक्रिय रहना और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर लगातार संवाद करना माना जाता है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों पर जनता के बीच अपनी योजनाओं और कामों को प्रमुखता से रखा है।
कांग्रेस के मुकाबले में एनडीए के ललन राम ने भी पूरी ताकत लगा रखी है। ललन राम स्थानीय मुद्दों और विकास परियोजनाओं पर जोर देकर मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी रणनीति विशेषकर युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमर्थन जुटाने पर केंद्रित है।
इसके अलावा जन सुराज पार्टी के श्याम बलि राम इस सीट पर तीसरे प्रत्याशी के रूप में प्रवेश कर मुकाबले को और तीव्र और रोमांचक बना रहे हैं। उनके मतदाता बेस मुख्य रूप से छोटे समुदाय और ग्रामीण मतदाता हैं, जो कि चुनाव की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
सुबह 11 बजे तक 33 प्रतिशत मतदान होने से संकेत मिलता है कि मतदाता उत्साहित हैं और इस बार के चुनाव में भारी हिस्सेदारी देखने को मिल सकती है। स्थानीय चुनाव अधिकारियों का कहना है कि यह सीट अक्सर उच्च मतदान दर वाली रही है और आज भी यही प्रवृत्ति जारी रहने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार कुटुम्बा सीट पर चुनाव का परिणाम तीन प्रमुख उम्मीदवारों के बीच मत विभाजन पर निर्भर करेगा। राजेश राम के पास कांग्रेस समर्थकों का मजबूत आधार है, वहीं ललन राम और श्याम बलि राम के बीच वोटिंग विभाजन होने की संभावना बनी हुई है।
कुल मिलाकर कुटुम्बा विधानसभा सीट पर मतदान सुबह से ही उत्साह और हलचल के साथ जारी है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की हैट्रिक बनाने की कोशिश, एनडीए के ललन राम की चुनौती और जन सुराज पार्टी के श्याम बलि राम की दावेदारी इस चुनाव को और रोमांचक बना रही है।








