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रणजी ट्रॉफी 2025 में क्रिकेट के मैदान पर एक ऐतिहासिक उलटफेर देखने को मिला जब कमजोर मानी जा रही जम्मू-कश्मीर की टीम ने दिल्ली जैसी मजबूत टीम को 7 विकेट से मात देकर सभी को चौंका दिया। यह जीत न केवल जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए बल्कि पूरे घरेलू क्रिकेट जगत के लिए एक यादगार पल बन गई है। 1934 में शुरू हुए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के 96 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि जम्मू-कश्मीर ने अपने दम पर इतना बड़ा नामी प्रतिद्वंद्वी हराया।
इस ऐतिहासिक जीत में सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित करने वाले खिलाड़ी रहे युवा स्पिनर वंशज शर्मा, जिन्होंने गेंदबाजी के दौरान दिल्ली की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप को कई बार परेशान किया। उनकी निरंतरता और चतुराई ने दिल्ली के स्टार बल्लेबाजों को रोकने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा कप्तान पारस डोगरा, अनुभवी खिलाड़ी कामरान इकबाल और शानदार प्रदर्शन करने वाले आकिब नबी ने भी टीम की जीत में अहम योगदान दिया। आकिब नबी को उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी और मैच में प्रभाव डालने वाले प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार भी मिला।
दिल्ली की टीम इस मैच में विजेता के रूप में खुद को तैयार समझ रही थी, लेकिन जम्मू-कश्मीर की टीम ने शुरुआती गेंदबाजी और रणनीति के दम पर उन्हें लगातार दबाव में रखा। दिल्ली के बल्लेबाजों को विकेट गिरने की लगातार चिंता बनी रही और इसी का फायदा उठाकर जम्मू-कश्मीर ने मैच में पलड़ा भारी कर दिया।
विशेषकर वंशज शर्मा की स्पिन गेंदबाजी ने दिल्ली के मध्य क्रम को पूरी तरह प्रभावित किया। उनकी गेंदबाजी ने न केवल विकेट लिए बल्कि विपक्षी टीम की स्ट्राइक रेट और रन बनाने की क्षमता को भी सीमित कर दिया। कप्तान पारस डोगरा ने बल्लेबाजी के दौरान टीम को एकजुट रखा और सही समय पर स्ट्राइक संभालकर खेल में संतुलन बनाए रखा।
जम्मू-कश्मीर की टीम में युवा खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। आकिब नबी ने न केवल रन बनाए बल्कि मैच के निर्णायक क्षणों में महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई। कामरान इकबाल ने बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण दोनों में अपनी क्षमता दिखाई और टीम के लिए कीमती रन और विकेट हासिल किए।
विशेष रूप से रणजी ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट में युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और दबाव में निर्णय लेने की क्षमता इस जीत का सबसे बड़ा कारण रहा। जम्मू-कश्मीर की टीम ने यह साबित कर दिया कि मजबूत और अनुभवी टीमों को भी कमजोर नहीं आंकना चाहिए।
इस जीत के साथ ही जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। यह जीत न केवल टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाएगी बल्कि राज्य में क्रिकेट के विकास और युवाओं में खेल के प्रति उत्साह भी बढ़ाएगी। क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार, यह जीत जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकती है और आगामी टूर्नामेंटों में टीम की उम्मीदों को और मजबूत करेगी।
रणजी ट्रॉफी 2025 में जम्मू-कश्मीर की यह ऐतिहासिक जीत यह साबित करती है कि क्रिकेट में कभी भी कोई भी टीम हल्की नहीं मानी जा सकती। वंशज शर्मा और उनके साथियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने यह दिखा दिया कि टीम वर्क, रणनीति और युवा खिलाड़ियों का जोश किसी भी दावेदार टीम को हरा सकता है।







