बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में आज शिवहर विधानसभा सीट पर मतदान जारी है। यह सीट इस बार भी राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है। राज्य की राजनीति में हमेशा से सुर्खियों में रहने वाली यह सीट एक बार फिर से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के लिए अपने वर्चस्व को बनाए रखने की बड़ी चुनौती लेकर आई है।
वर्तमान में इस सीट से आरजेडी के चेतन आनंद विधायक हैं, जिन्होंने 2020 के विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए जदयू के मोहम्मद शर्फुद्दीन को 36,686 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। लेकिन इस बार समीकरण काफी बदल चुके हैं। चेतन आनंद अब जदयू के समर्थन में आ गए हैं और उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा भी दे दिया था। इस वजह से शिवहर की लड़ाई इस बार और दिलचस्प हो गई है।
शिवहर सीट पर इस बार मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा है। महागठबंधन की ओर से आरजेडी ने एक बार फिर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए दमदार उम्मीदवार उतारा है, जबकि एनडीए की ओर से जदयू और भाजपा ने संयुक्त रूप से चुनाव अभियान को जोर-शोर से चलाया है। चेतन आनंद की मां लवली आनंद इस बार जदयू के टिकट पर मैदान में हैं, जिससे इस सीट पर पारिवारिक और राजनीतिक दोनों तरह का टकराव देखने को मिल रहा है।
शिवहर जिला बिहार का सबसे छोटा जिलों में से एक है, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से इसकी अहमियत बहुत बड़ी है। यह शिवहर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और हर बार यहां का चुनावी परिणाम प्रदेश की सियासी दिशा तय करता है। यहां का मुख्य चुनावी मुद्दा हर साल आने वाली बाढ़ और उससे जुड़ी समस्याएं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ की समस्या अब तक किसी भी सरकार के कार्यकाल में पूरी तरह हल नहीं हुई है। साथ ही सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी भी मतदाताओं के लिए अहम मुद्दे बने हुए हैं।
सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ नजर आ रही है। चुनाव आयोग के मुताबिक, पहले दो घंटे में ही लगभग 18 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस अधीक्षक लगातार मतदान केंद्रों का दौरा कर रहे हैं।
महिलाओं और युवाओं में इस बार खासा उत्साह देखा जा रहा है। कई मतदान केंद्रों पर महिलाओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं। बूथों पर सख्त सुरक्षा के बीच इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्वक चल रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शिवहर सीट पर इस बार का मुकाबला पूरी तरह प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। आरजेडी जहां अपने पुराने जनाधार को बचाने में लगी है, वहीं जदयू इस सीट पर अपनी वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। भाजपा का संगठन भी इस बार मैदान में सक्रिय है, जिससे मुकाबला बहुकोणीय होता जा रहा है।
2020 के चुनाव में चेतन आनंद को 88,546 वोट मिले थे, जबकि जदयू के शर्फुद्दीन को 51,860 वोट हासिल हुए थे। इस बार स्थिति उलट भी सकती है, क्योंकि पिछले पांच वर्षों में यहां का राजनीतिक समीकरण और जनसंतुलन दोनों में बदलाव आया है।
शिवहर के कई ग्रामीण इलाकों में मतदाता बाढ़, सड़क और रोजगार जैसे स्थानीय मुद्दों को लेकर वोटिंग कर रहे हैं। वहीं, शहरी क्षेत्रों में युवाओं की प्राथमिकता विकास और शिक्षा है।
चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, दोपहर तक शिवहर सीट पर करीब 43 प्रतिशत मतदान हो चुका था। मतदान प्रक्रिया शाम 5 बजे तक जारी रहेगी। सभी बूथों पर अर्द्धसैनिक बल और स्थानीय पुलिस की तैनाती की गई है।
चुनाव परिणाम आने से पहले ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं कि इस बार कौन बाजी मारेगा। आरजेडी अपनी पुरानी पकड़ बनाए रख पाएगी या जदयू के पाले में सीट जाएगी — यह देखने वाली बात होगी।
शिवहर की जनता के फैसले पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं। मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से चल रहा है और प्रशासन ने दावा किया है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है।








