अहमदाबाद में आगामी अदाणी अहमदाबाद मैराथन की 9वीं रीलिज़ एडिशन के लिए जर्सी का अनावरण पल्लैडियम मॉल में बड़े धूमधाम से किया गया, और यह सिर्फ एक खेल पोशाक से कहीं आगे का संदेश लिए हुए है। यह जर्सी न सिर्फ मैराथन के रनर की पहचान बनेगी, बल्कि पर्यावरण चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी की ताकत का प्रतीक बनेगी — क्योंकि इसे तैयार करने में 15,000 रीसायकल किए गए प्लास्टिक बोतल कैप्स का इस्तेमाल किया गया है।
इस खास साझेदारी को डिजाइन करने का श्रेय प्रतिष्ठित डिजाइनर आक़िब वानी को जाता है, जिन्होंने कम्युनिटी-क्रिएटिविटी को ध्यान में रखते हुए इस जर्सी का डिजाइन किया है। अहमदाबाद मैराथन के आयोजक Adani Sportsline ने समुदाय से डिजाइन आइडिया आमंत्रित किए थे, जिसे वानी ने चुना और शामिल किया। उनका यह मानना है कि इस जर्सी को सिर्फ स्पोर्ट्सवियर नहीं बनाना है, बल्कि इसे “सामाजिक गर्व और एकजुटता” का प्रतीक बनाना है।
यह पहल मैराथन के मुख्य उद्देश्य #Run4OurSoldiers के साथ गहरे जुड़ी है। यह नाइंट एडिशन न केवल दौड़ का आयोजन है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय भावना को प्रकट करने वाला आयोजन भी है, जो रचनात्मकता, समुदाय और देशभक्ति को जोड़ता है। मैराथन का मार्ग अहमदाबाद में बहुत मान्य चिन्हों के बीच से होकर जाएगा, जिसमें सबرمती रिवरफ्रंट स्पोर्ट्स पार्क, अटल ब्रिज, गांधी आश्रम, और एलिस ब्रिज शामिल हैं।
डिजाइनर आक़िब वानी ने इस अवसर पर उत्साह जताया और कहा कि यह उनके लिए एक विशेष जिम्मेदारी और सम्मान की बात है। उन्होंने अहमदाबाद की कला, शिल्प और कम्युनिटी स्पिरिट की तारीफ भी की और बताया कि उन्हें अलग-अलग लोगों के क्रिएटिव आइडियाज मिलेंगे, जिन्हें उन्होंने अपनी दृष्टि में पिरोया है।
जर्सी में उपयोग किए गए 15,000 प्लास्टिक कैप्स न केवल पर्यावरण-संरक्षण का संदेश देते हैं, बल्कि यह मैराथन की समष्टिगत सोच और सामुदायिक भागीदारी को भी दर्शाता है। यह डिज़ाइन “रनर के लिए सिर्फ एक जैकेट” नहीं है, बल्कि एक मजबूत प्रतीक है जो पुनरावर्तन (recycling), समुदाय और नायकत्व के बीच का पुल बनाता है।
इस आयोजन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता भी है। अदाणी अहमदाबाद मैराथन को Association of International Marathons and Distance Races (AIMS) की ग्लोबल मैराथन इवेंट लिस्ट में शामिल किया गया है, और इसे एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) द्वारा भी प्रमाणित किया गया है।
न सिर्फ यह जर्सी, बल्कि मैराथन की पूरी रचना एक सामाजिक आंदोलन की तरह है। यह दौड़ चार श्रेणियों — फुल मैराथन, हाफ मैराथन, 10 किमी और 5 किमी — में होगी, जिससे अलग-अलग उम्र और फिटनेस लेवल के लोग भाग ले सकें।
पल्लैडियम मॉल में हुए अनावरण इवेंट में न केवल जर्सी की पहली झलक मिली, बल्कि इस पहल की गहराई और संदेश ने भी उपस्थित लोगों को रोमाहित किया। डिजाइन, सामुदायिक संलग्नता और राष्ट्रभक्ति का यह संगम मैराथन को सिर्फ शारीरिक फिटनेस का आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक बदलाव ला सकने वाला मंच बनाता है।
जर्सी सार्वजनिक होने के बाद, कई रनर्स और नागरिकों ने उसकी सराहना की है। कुछ ने इसे “रनिंग के लिए एक जादूई प्रतीक” कहा है, तो कुछ ने इसे “पर्यावरण और देशभक्ति का कॉम्बो” बताया है। इस तरह की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दर्शाती हैं कि यह जर्सी केवल खेल की वस्तु नहीं बनेगी, बल्कि एक विचार और आंदोलन का शीर्षक बनेगी।
निकट भविष्य में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह जर्सी और मैराथन कैसे और अधिक लोगों को प्रेरित करेगी — खासकर उन लोगों को जो फिटनेस, समुदाय सेवा और देशभक्ति को एक साथ जोड़ना चाहते हैं। अदाणी अहमदाबाद मैराथन की यह जर्सी आने वाले समय में एक मिसाल बन सकती है, जहां रनर्स न सिर्फ दौड़ते हैं, बल्कि सार्थक संदेश भी आंकते हैं।








