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बिहार विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले में कांग्रेस सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने आदिवासी समाज की दुर्दशा को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि छह दशकों तक कांग्रेस सरकारों ने आदिवासी समुदायों को उपेक्षित रखा, जिससे शिक्षा की कमी और कुपोषण की समस्या बनी रही। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भाजपा के लिए आदिवासी कल्याण हमेशा प्राथमिकता रहा है और वे इस अन्याय को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस सरकारों की उदासीनता ने आदिवासी क्षेत्रों को हमेशा पीछे रखा। “छह दशकों तक कांग्रेस ने आदिवासी समाज के हालात पर ध्यान नहीं दिया। उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिली, पोषण की कमी बनी रही और ये समस्याएं आज भी कई आदिवासी इलाकों में देखी जा सकती हैं। भाजपा की सरकारों ने हमेशा आदिवासी कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और हम अपने आदिवासी भाइयों और बहनों के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त करने के दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं,” मोदी ने कहा।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारे आदिवासी समाज ने हमेशा मुश्किल घड़ी में देश के लिए अग्रणी भूमिका निभाई है। “जनजातीय गौरव हमारे भारत की चेतना का अभिन्न हिस्सा रहा है। जब-जब देश के सम्मान, स्वाभिमान और स्वराज की बात आई, तो आदिवासी समाज सबसे आगे खड़ा रहा। स्वतंत्रता संग्राम इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। आदिवासी समाज से निकले नायक-नायिकाओं ने आजादी की मशाल को आगे बढ़ाया और उनका योगदान हम भुला नहीं सकते,” उन्होंने कहा।
प्रधानमंत्री ने यह भी जोर देकर कहा कि भाजपा की सरकार ने आदिवासी समाज के कल्याण के लिए कई योजनाओं को लागू किया है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आया है। उन्होंने राज्य और केंद्र द्वारा चलाए जा रहे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों का उल्लेख किया और कहा कि कांग्रेस सरकारों की उदासीनता के कारण आदिवासी समाज पीछे रह गया।
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि उनके शासन में आदिवासी बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर ध्यान नहीं दिया गया। इसके विपरीत, भाजपा की सरकारों ने इस समाज को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा की योजनाओं के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों में स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण किया गया, रोजगार के अवसर बढ़ाए गए और सामाजिक कल्याण के कार्यक्रम शुरू किए गए।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आदिवासी समाज का गौरव हमारे देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार आदिवासी समाज के उत्थान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। “हम आदिवासी समाज को उनके गौरव और अधिकारों के साथ आगे बढ़ाना चाहते हैं। भाजपा की सरकारें हमेशा उनकी भलाई के लिए काम करती रही हैं और भविष्य में भी करती रहेंगी,” पीएम मोदी ने कहा।
गुजरात की जनता और आदिवासी समाज को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने यह संदेश दिया कि भाजपा की नीतियाँ केवल विकास की दिशा में नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग, विशेषकर आदिवासी समुदाय के उत्थान के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने कांग्रेस की नीतियों की तुलना में भाजपा के प्रयासों को उजागर करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि पिछड़े हुए समाजों को बराबरी का अधिकार और सम्मान मिले।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह भाषण गुजरात में आगामी चुनावों की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है। आदिवासी समाज के हितों और उनकी दुर्दशा को लेकर किए गए प्रहार से भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव और तेज हो गया है।







