उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में बीते दो दिनों के भीतर हुई दो संदिग्ध घटनाओं ने न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों बल्कि रेल यात्रियों में भी खलबली मचा दी है। एक तरफ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस में बम होने की सूचना से हड़कंप मचा, तो दूसरी तरफ कैफियत एक्सप्रेस के मार्ग पर रेलवे ट्रैक के बीच रखे गए एलपीजी गैस सिलेंडर ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। दोनों घटनाओं ने मिलकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं और जांच एजेंसियों को पूरी तरह अलर्ट रहने पर मजबूर कर दिया है।
अलीगढ़ में शनिवार देर रात पहली घटना सामने आई, जब स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस के जनरल कोच में एक संदिग्ध व्यक्ति द्वारा बम रखे जाने की सूचना पुलिस तक पहुंची। सूचना मिलते ही GRP, RPF, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते की टीम मौके पर पहुंची और ट्रेन को प्लेटफार्म नंबर तीन पर रोककर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। ट्रेन में सफर कर रहे यात्री इस अचानक हुए चेकिंग अभियान से भयभीत दिखे और स्टेशन पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।
बताया गया कि ट्रेन में मौजूद संदिग्ध व्यक्ति की पहचान सुशील सैनी, निवासी मधुबनी (बिहार) के रूप में हुई। उसे तुरंत कोच से उतारकर उससे पूछताछ की गई और उसके सामान की विस्तृत जांच की गई, हालांकि उसकी तलाशी में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। जांच अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सूचना झूठी थी, जिसके बाद ट्रेन को उसके निर्धारित मार्ग पर रवाना कर दिया गया। लेकिन इस घटना ने यात्रियों में असुरक्षा की भावना को जन्म दिया, खासकर उन लोगों में जो रात के समय लंबी दूरी की यात्रा कर रहे थे।
पहली घटना का तनाव अभी कम भी नहीं हुआ था कि रविवार सुबह दूसरी घटना ने सभी को हैरान कर दिया। अलीगढ़ के सोमना रेलवे स्टेशन के पास कैफियत एक्सप्रेस के चालक की नजर ट्रैक के बीचोबीच रखे एक एलपीजी गैस सिलेंडर पर पड़ी। चालक ने तुरंत ट्रेन को रोक दिया और सुरक्षा के मद्देनजर इसकी सूचना रेलवे सुरक्षा बल व स्थानीय पुलिस को दी। कुछ ही देर में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सिलेंडर को कब्जे में ले लिया गया। प्राथमिक जांच में सिलेंडर खाली पाया गया, लेकिन इस तरह रेलवे ट्रैक पर उसका मिलना किसी साजिश की ओर इशारा करता है या नहीं, इस पर जांच जारी है।
दोनों घटनाओं के बाद अलीगढ़ रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ट्रेनों की चेकिंग सख्त कर दी गई है और यात्रियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसी भी तरह की बड़ी साजिश के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
यात्रियों ने इन घटनाओं के बाद रेलवे सुरक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। कई यात्रियों का कहना है कि लगातार दो दिनों में ऐसे घटनाक्रम होना चिंता का विषय है और रेलवे प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को और दुरुस्त करने की आवश्यकता है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियां दोनों घटनाओं के बीच किसी तरह के संभावित संबंध की भी जांच कर रही हैं।
इन घटनाओं के बीच सबसे राहत की बात यह रही कि दोनों ही मामलों में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। फिर भी इन घटनाओं ने अलीगढ़ सहित पूरे उत्तर मध्य रेलवे जोन में सुरक्षा की दुर्गमता को उजागर कर दिया है। आगामी दिनों में सुरक्षा को और मजबूत करने एवं लगातार निगरानी बढ़ाने की दिशा में रेलवे प्रशासन रणनीति पर काम कर रहा है।








