नाशिक नगर निगम (NMC) ने आगामी निगम चुनावों के मद्देनज़र एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है: 31 वार्डों के लिए आरक्षण का मसौदा सार्वजनिक कर दिया गया है। यह मसौदा 17 नवम्बर को जारी किया गया है और नगर निगम मुख्यालय तथा जोनल कार्यालयों में प्रदर्शनी के माध्यम से इसे जनता के सामने रखा गया है।
मसौदे को लेकर नगर निगम ने नागरिकों को सक्रिय भागीदारी का न्योता दिया है। मसौदे पर आपत्तियाँ और सुझाव प्रस्तुत करने की विंडो 24 नवम्बर तक खुली रहेगी। इस दरम्यान जो मत और आपत्तियाँ आएंगी, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समीक्षा के बाद अंतिम आरक्षण सूची में समायोजित किया जाएगा। नगर निगम अधिकारियों ने बताया है कि अंतिम सूची 2 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।
राज्य निर्वाचन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, नाशिक नगर निगम में 31 वार्ड बनाए गए हैं। इनमें से 29 वार्ड चार-चार सदस्यों वाले हैं, जबकि दो वार्ड — क्रमांक 15 और 19 — तीन सदस्यीय हैं। कुल मिलाकर निगम में 122 पार्षद सीटें होंगी।
इसके पहले, 11 नवंबर को नाशिक के कालिदास कला मंदिर में एक लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की गई थी, जिसमें महिलाओं के आरक्षण को विभिन्न श्रेणियों में निर्धारित किया गया। इस ड्रॉ में स्कूली छात्रों की भागीदारी रही, जिन्होंने आरक्षण की लॉटरी निकाली।
मसौदे के मुताबिक, कुल 122 पार्षद सीटों में से 61 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। इसके अतिरिक्त, SC (अनुसूचित जाति) को 18 सीटें, ST (अनुसूचित जनजाति) को 9 सीटें, और OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) को 32 सीटें आवंटित करने का प्रस्ताव है। übrige सीटें सामान्य (जनरल) वर्ग में रहेंगी।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह आरक्षण मसौदा सार्वजनिक विमर्श और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। आपत्तियों और सुझावों को गंभीरता से देखने के बाद, निगम उन्हें अंतिम मसौदे में समायोजित करेगा। ऐसा करने से न केवल पारदर्शिता बनी रहेगी, बल्कि यह सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी कि आरक्षण व्यवस्था हर वर्ग के लिए संतुलित हो।
यह आरक्षण निर्धारण उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के लिए भी महत्वपूर्ण ओर निर्णायक साबित होगा। किस वार्ड में किस वर्ग का आरक्षण होगा, यह भविष्य में राजनीतिक रणनीतियों और चुनावी तैयारियों को प्रभावित करेगा।
नागरिकों की भागीदारी इस प्रक्रिया की विश्वसनीयता को बढ़ाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि आरक्षण व्यवस्था व्यापक जनादेश को प्रतिबिंबित करे। सार्वजनिक आपत्ति-प्रक्रिया के समय नागरिकों के सुझाव बेहद अहम योगदान देते हैं क्योंकि वे स्थानीय जरूरतों और सामाजिक समीकरणों का प्रत्यक्ष ज्ञान रखते हैं।
नाशिक निगम चुनाव की चेहरे अब तेजी से नज़र आने लगी है। मसौदे की सार्वजनिक समीक्षा, आपत्ति युक्तियों और संशोधनों के बाद, अंतिम आरक्षण सूची जारी की जाएगी, जिससे अगले चुनावी चरणों की राह साफ होगी।








