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साउथ सिनेमा के मशहूर निर्देशक एसएस राजामौली इन दिनों अपने एक बयान को लेकर बड़े विवाद में घिर गए हैं। हाल ही में उनकी अपकमिंग फिल्म ‘वाराणसी’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में दिया गया बयान न केवल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, बल्कि अब इसके खिलाफ हिंदू सेना ने भी औपचारिक शिकायत दर्ज करवा दी है। इसी बीच राजामौली का करीब 13 साल पुराना—साल 2011 का एक ट्वीट—भी सामने आया है, जिसने इस पूरे विवाद को और अधिक गर्मा दिया है।
राजामौली, जिन्हें ‘बाहुबली’ और ‘RRR’ जैसी ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए विश्वभर में सराहना मिली, अपने एक हल्के-फुल्के मजाकिया टिप्पणी के चलते बड़े विवाद का केंद्र बन गए हैं। 17 नवंबर को हैदराबाद में आयोजित उनकी फिल्म ‘वाराणसी’ के ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम में अचानक हुई तकनीकी गड़बड़ी से कार्यक्रम कुछ देर के लिए रुक गया। इसी बीच राजामौली ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे भगवान को नहीं मानते, लेकिन इस तकनीकी खराबी के दौरान उन्हें अपने पिता की कही बात याद आई।
उन्होंने मंच पर कहा—
“मैं भगवान में विश्वास नहीं करता, लेकिन तकनीकी दिक्कत के समय मुझे पिता की बात याद आई। पिताजी कहते थे कि जब भी परेशानी आए, हनुमान आपकी मदद करेंगे। लेकिन इस गड़बड़ी के वक्त क्या भगवान मदद करेंगे?”
राजामौली ने आगे मजाकिया अंदाज में अपनी पत्नी का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी पत्नी हनुमान जी की प्रबल भक्त हैं और वे देखना चाहेंगे कि क्या इस बार ‘उनकी पत्नी के हनुमान’ उनकी मदद करेंगे या नहीं।
हालाँकि, यह टिप्पणी मजाक में कही गई थी, लेकिन सोशल मीडिया पर इसका बड़ा विरोध शुरू हो गया। कई यूज़र्स ने इसे धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाने वाला बयान बताया, जिसके बाद हिंदू सेना ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। संगठन का आरोप है कि एक बड़े सार्वजनिक मंच पर इस तरह देवी-देवताओं का उपहास करना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।
बात यहाँ तक ही सीमित नहीं रही। सोशल मीडिया पर किसी यूज़र ने एसएस राजामौली का 2011 का एक पुराना ट्वीट भी निकालकर वायरल कर दिया। इस ट्वीट में कथित रूप से राजामौली ने लिखा था कि
“उन्हें भगवान राम कभी पसंद नहीं आए।”
जैसे ही यह पुराना ट्वीट फिर से सामने आया, विवाद और भड़क गया। कई लोगों ने सवाल उठाए कि क्या राजामौली हमेशा से धार्मिक पात्रों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने यह भी लिखा कि पुराने ट्वीट को संदर्भ से काटकर पेश किया जा रहा है।
इस पूरे मामले में अब तक राजामौली की ओर से कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है। लेकिन उनके समर्थकों का कहना है कि ट्रेलर लॉन्च इवेंट में दिया गया बयान हल्के-फुल्के अंदाज में था और उसे गलत अर्थ में नहीं लिया जाना चाहिए। वहीं विरोध करने वाले पक्ष का कहना है कि इतने बड़े फिल्मकार को सार्वजनिक मंच पर शब्दों का चयन संभलकर करना चाहिए, क्योंकि उनके हर बयान का प्रभाव लाखों लोगों पर पड़ता है।
विवाद के बढ़ने के साथ ही सोशल मीडिया पर #Rajamouli, #Hanuman और #LordRam जैसे हैशटैग लगातार ट्रेंड कर रहे हैं। कई यूज़र उनकी फिल्मों का बहिष्कार करने की बात कह रहे हैं, तो कई लोग इसे अनावश्यक विवाद बताकर विरोधियों को शांत रहने की सलाह दे रहे हैं।
इस बीच, ‘वाराणसी’ के निर्माता और टीम भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। रिलीज़ से पहले ऐसा विवाद फिल्म की चर्चा को और बढ़ा सकता है, लेकिन यह प्रचार सकारात्मक है या नकारात्मक—इस पर राय बंटी हुई है।
अब देखना यह होगा कि बढ़ते विवाद पर एसएस राजामौली आधिकारिक बयान जारी करते हैं या नहीं, और हिंदू सेना द्वारा दर्ज की गई शिकायत पर पुलिस अगला कदम क्या उठाती है। फिलहाल, यह मुद्दा सोशल मीडिया और धार्मिक संगठनों में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।







