महाराष्ट्र में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है। पूरे राज्य में उम्मीदवारों का उत्साह इस कदर दिखा कि नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन तक चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो गया। सोमवार को नामांकन भरने की आखिरी तारीख थी और इसके साथ ही 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के लिए उम्मीदवारी की तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो गई।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, इन चुनावों में सदस्य और सीधे अध्यक्ष पद के लिए जबरदस्त संख्या में उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया है। आंकड़ों के मुताबिक, सदस्य पद के लिए कुल 1 लाख 778 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं, जबकि अध्यक्ष पद के लिए 8 हजार 334 उम्मीदवार मैदान में उतर चुके हैं। कुल मिलाकर, इन दोनों श्रेणियों में नामांकन करने वालों की संख्या 1 लाख से भी ज्यादा रही, जो पिछले कई चुनावों की तुलना में अधिक है।
विदर्भ और मराठवाड़ा में सबसे ज्यादा उत्साह
चुनाव आयोग ने बताया कि राज्य के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में उम्मीदवारों के बीच सबसे ज्यादा उत्साह देखने को मिला। यहां कई नगर परिषदों और नगर पंचायतों में बड़े स्तर पर नामांकन दाखिल किए गए, जिससे स्थानीय राजनीतिक समीकरण भी काफी दिलचस्प हो गए हैं।
विदर्भ में चुनावी माहौल बेहद सक्रिय रहा और कई जगहों पर उम्मीदवारों ने समर्थकों के साथ रैलियां निकालकर नामांकन दाखिल किए। वहीं मराठवाड़ा क्षेत्र में भी प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी बढ़ गया है, क्योंकि यहां कई नगर पंचायत सीटों पर बहुकोणीय मुकाबला होने की संभावना है।
2 दिसंबर को मतदान और 3 दिसंबर को मतगणना
चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि इन सभी सीटों पर मतदान 2 दिसंबर को होगा। इसके तुरंत अगले दिन 3 दिसंबर को मतगणना की जाएगी, जिसके बाद राज्य में कई स्थानीय निकायों का नया समीकरण सामने आएगा।
नामांकन पत्रों की जांच की प्रक्रिया अब तेजी से चल रही है और 21 नवंबर नामांकन वापसी की अंतिम तिथि रखी गई है। इसके बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की जाएगी और चुनाव प्रचार जोर पकड़ लेगा।
स्थानीय राजनीति में नई हलचल
चुनावों में प्रत्याशियों की इतनी बड़ी संख्या राज्य की स्थानीय राजनीति में नए संकेत दे रही है। कई जगहों पर युवा उम्मीदवारों और पहली बार चुनाव लड़ रहे चेहरों का उत्साह भी देखने को मिल रहा है। साथ ही कई दिग्गज नेताओं ने भी अपने समर्थकों को मैदान में उतारा है, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प होने वाला है।
राजनैतिक पार्टियों ने भी इन चुनावों में अपेक्षा से ज्यादा सक्रियता दिखाई है। शिवसेना, भाजपा, कांग्रेस, राकांपा सहित क्षेत्रीय दलों ने कई स्थानों पर अपने संभावित विजयी उम्मीदवारों को टिकट दिए हैं। अब ध्यान इस बात पर है कि अंतिम उम्मीदवार सूची जारी होने के बाद प्रचार का रुख क्या रहेगा।
जनता की भागीदारी भी दिख रही बढ़ी
उम्मीदवारों के साथ-साथ जनता में भी इन चुनावों को लेकर उत्साह बढ़ता दिखाई दे रहा है। स्थानीय निकाय चुनावों में जनता की अहम भूमिका होती है, क्योंकि इन्हीं चुनावों के जरिए शहरों और कस्बों का विकास, सड़कें, पानी, स्वच्छता और स्थानीय प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं।
महाराष्ट्र में इस बार के नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव न सिर्फ राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला दिखाएंगे, बल्कि यह भी तय करेंगे कि राज्य की स्थानीय शासन व्यवस्था में नए चेहरे कितना प्रभाव डाल पाते हैं।








