अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का शेड्यूल इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने हाल ही में जारी किया है। इस टूर्नामेंट के शेड्यूल की घोषणा में सबसे चौंकाने वाला फैसला यह लिया गया है कि भारत और पाकिस्तान को ग्रुप स्टेज में अलग-अलग रखा गया है। इसका मतलब है कि इस टूर्नामेंट में दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमों का आमना-सामना ग्रुप स्टेज में नहीं होगा।
ICC ने इस बार 16 टीमों को शामिल करते हुए टूर्नामेंट का आयोजन नामीबिया और जिम्बाब्वे में जनवरी और फरवरी 2026 के बीच करने का फैसला किया है। टूर्नामेंट का आगाज 15 जनवरी से होगा और फाइनल मुकाबला 6 फरवरी को खेला जाएगा। इस निर्णय से क्रिकेट प्रेमियों में खासी चर्चा शुरू हो गई है क्योंकि भारत-पाकिस्तान मुकाबले हमेशा क्रिकेट फैंस के लिए आकर्षण का केंद्र होते हैं।
ICC ने भारत-पाकिस्तान के ग्रुप अलग करने का निर्णय दोनों देशों के मौजूदा राजनीतिक और क्रिकेटिंग रिश्तों को ध्यान में रखकर लिया है। पिछले कई सालों से ICC इस प्रक्रिया को अपनाता आया है, ताकि टूर्नामेंट में किसी भी तरह की विवादास्पद स्थिति से बचा जा सके। इसका सीधा असर यह होगा कि ग्रुप स्टेज में रोमांचक मुकाबले देखने को नहीं मिलेंगे, लेकिन टूर्नामेंट की प्रतिस्पर्धात्मकता और रोमांच अपने स्तर पर बनी रहेगी।
अंडर-19 वर्ल्ड कप युवा खिलाड़ियों के करियर के लिए महत्वपूर्ण मंच है। इस टूर्नामेंट में प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी अपने कौशल का प्रदर्शन करते हैं और भविष्य में भारतीय या पाकिस्तानी राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का मौका पाते हैं। ICC का यह फैसला युवा खिलाड़ियों की सुरक्षा और टूर्नामेंट की निष्पक्षता को बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
वर्तमान में भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंध कुछ सीमित श्रृंखलाओं तक ही हैं। ICC का यह फैसला इस संदर्भ में एक संतुलन बनाने की कोशिश भी है। टूर्नामेंट में 16 टीमें चार समूहों में विभाजित की जाएंगी, जिसमें भारत और पाकिस्तान अलग-अलग समूह में होंगे। इस प्रकार ग्रुप स्टेज में उनके बीच मुकाबला नहीं होगा, लेकिन नॉकआउट राउंड में उनके आमने-सामने आने की संभावना बनी रहेगी।
आईसीसी ने कहा है कि इस बार के अंडर-19 वर्ल्ड कप में सभी टीमों को बराबरी का मौका मिलेगा और सभी नियमों का कड़ाई से पालन होगा। टूर्नामेंट में प्रतिभागी देशों को अपनी युवा टीमों की क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। ICC के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि टूर्नामेंट का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अवसर देना और खेल की गुणवत्ता को बढ़ावा देना है।
अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत की टीम हमेशा से मजबूत रही है। इसके अलावा पाकिस्तान की टीम भी इस टूर्नामेंट में परंपरागत रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रही है। दोनों टीमों के अलग ग्रुप में होने से न सिर्फ मैचों का संतुलन बना रहेगा, बल्कि टूर्नामेंट के अन्य मुकाबलों में रोमांच और प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।
इस निर्णय से क्रिकेट फैंस में उत्सुकता बढ़ गई है और सोशल मीडिया पर भी इस पर बहस हो रही है। यह देखने वाली बात होगी कि ग्रुप स्टेज में भारत और पाकिस्तान की अलग-अलग टीमों का यह निर्णय टूर्नामेंट के रोमांच और दर्शक संख्या पर किस तरह का असर डालेगा।
अंततः ICC का यह कदम युवा खिलाड़ियों की सुरक्षा, खेल की निष्पक्षता और टूर्नामेंट की अनुशासनात्मक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान की टीमों के ग्रुप अलग होने से टूर्नामेंट की रणनीति, मैचों की तैयारी और युवा खिलाड़ियों की मानसिक तैयारी पर भी असर पड़ेगा।
इसलिए क्रिकेट प्रेमियों को जनवरी 2026 से फरवरी 2026 के बीच नामीबिया और जिम्बाब्वे में आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में नए रोमांच और युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की उम्मीद करनी चाहिए।








