इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

बिहार में एक बार फिर से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनी है और इसके साथ ही जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नया इतिहास रच दिया है। गुरुवार को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में हुए भव्य शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली। साथ ही भाजपा और जेडीयू के कुल 18 मंत्रियों और 2 उपमुख्यमंत्री ने भी शपथ लेकर मंत्रिमंडल का गठन किया।
यह समारोह राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित देशभर के कई राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित रहे। इससे NDA की एकजुटता और बिहार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का स्पष्ट संदेश गया।
राजनीतिक प्रक्रिया के तहत, नीतीश कुमार ने गुरुवार सुबह ही राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया था, क्योंकि मौजूदा बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा था। इसके बाद राज्यपाल ने नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू की, जिसके तहत NDA ने बहुमत साबित करते हुए नीतीश कुमार को पुनः नेता चुना।
NDA ने इस चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया, जहाँ कुल 243 सीटों में से उसने 202 सीटों पर विजय हासिल की।
-
भाजपा – 89 सीटें
-
जेडीयू – 85 सीटें
-
LJP (RV) – 19 सीटें
-
HAM(S) – 5 सीटें
-
RLM – 4 सीटें
इन नतीजों ने NDA को एक मजबूत बहुमत के साथ सरकार गठन का अवसर दिया।
नीचे बिहार के नवगठित नीतीश कैबिनेट के उन मंत्रियों की सूची है जिन्होंने गांधी मैदान के मंच पर शपथ ली:
➡️ BJP के मंत्री
-
सम्राट चौधरी
-
विजय कुमार सिन्हा
-
दिलीप जायसवाल
-
मंगल पांडेय
-
राम कृपाल यादव
-
संतोष सुमन
-
नितिन नवीन
➡️ JD(U) के मंत्री
-
विजय कुमार चौधरी
-
बिजेंद्र प्रसाद यादव
-
श्रवण कुमार
-
अशोक चौधरी
-
लेशी सिंह
-
मदन सहनी
-
सुनील कुमार
कुल मिलाकर NDA सरकार में 18 मंत्रियों ने पदभार ग्रहण किया, जबकि दो नेताओं ने डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ली। नई कैबिनेट में अनुभवी चेहरों के साथ-साथ क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को भी प्राथमिकता दी गई।
शपथ ग्रहण समारोह को पूरी भव्यता के साथ आयोजित किया गया। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, और कई अन्य केंद्रीय मंत्रियों की उपस्थिति ने इस समारोह की राजनीतिक अहमियत को और बढ़ा दिया।
साथ ही विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी पटना पहुँचे, जिनमें शामिल थे:
-
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
-
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा
-
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो
इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति से NDA की राष्ट्रीय एकता और बिहार की नई सरकार के प्रति समर्थन का स्पष्ट संदेश गया।
शपथ ग्रहण के बाद अब तीन दिवसीय विधानसभा सत्र 26 नवंबर से शुरू होगा, जिसमें:
-
नए विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी
-
विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होगा
-
नई सरकार के एजेंडे पर चर्चा की जाएगी
यह सत्र नई सरकार की कार्यपद्धति और दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
NDA की इस भारी जीत ने बिहार की राजनीति में एक नया परिदृश्य तैयार कर दिया है। भाजपा और जेडीयू की संयुक्त ताकत ने यह संदेश दिया है कि गठबंधन फिर से राज्य में स्थिर और विकासशील सरकार देने के लिए तैयार है।
नीतीश कुमार का अनुभव, जेडीयू की संगठनात्मक क्षमता, और भाजपा की राजनीतिक ताकत मिलकर यह संकेत दे रही है कि आने वाले वर्षों में बिहार में नए विकास प्रोजेक्ट्स, रोजगार के अवसर और बुनियादी ढांचे की मजबूती पर फोकस रहेगा।
बिहार में नीतीश कुमार की 10वीं शपथ न केवल एक नया रिकॉर्ड है, बल्कि यह राजनीतिक स्थिरता, गठबंधन की मजबूती और जनता के विश्वास का भी प्रतीक है। NDA के 18 मंत्रियों और दो डिप्टी सीएम के साथ नई सरकार ने अपनी शुरुआत कर दी है, और अब सबकी निगाहें आने वाले दिनों में लिए जाने वाले फैसलों पर टिकी होंगी।








