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  • ईडी समन में सरकार का बड़ा बदलाव: अब QR कोड और यूनिक पासकोड के साथ जारी होंगे नोटिस, धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम

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    देश में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बेहद अहम और प्रभावी कदम उठाया है। अब ईडी द्वारा जारी किए जाने वाले सभी समन QR कोड और यूनिक पासकोड के साथ भेजे जाएंगे, जिससे कोई भी व्यक्ति आसानी से यह सत्यापित कर सकेगा कि उसे प्राप्त समन असली है या फर्जी। यह कदम उन मामलों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है जिनमें ठग ईडी अधिकारियों के नाम पर नागरिकों से पैसे ऐंठने की कोशिश करते थे या उन्हें डराते-धमकाते थे।

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के ऑफिस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में स्वीकार किया गया कि पिछले कुछ समय से ईडी के नाम पर ठगी के कई मामले सामने आए हैं। कई बार जाली समन देखने में इतने असली लगते हैं कि आम नागरिक असली और नकली के बीच का फर्क नहीं कर पाते। इस कमजोरी को दूर करने के लिए ईडी की समन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल, सुरक्षित और ट्रैसेबल बनाने का निर्णय लिया गया है।

    सरकार द्वारा जारी नई व्यवस्था के तहत अब ईडी के प्रत्येक समन पर एक सिस्टम-जनरेटेड क्यूआर कोड मौजूद होगा। इस कोड को किसी भी स्मार्टफोन से स्कैन करके तुरंत यह जानकारी मिल जाएगी कि समन वैध है या नहीं। इसके साथ ही समन के लिए एक यूनिक पासकोड भी तैयार किया जाएगा, जिसे ईडी की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज करके भी इसकी पुष्टि की जा सकेगी। यह प्रक्रिया नागरिकों को न केवल सुरक्षा प्रदान करेगी बल्कि उन्हें फर्जीवाड़े से बचाने में भी मदद करेगी।

    वित्त मंत्रालय के बयान में यह भी स्पष्ट रूप से कहा गया कि ईडी कभी भी किसी व्यक्ति को डिजिटल माध्यम से गिरफ्तार नहीं करती और न ही ऑनलाइन गिरफ्तारी की प्रक्रिया अपनाती है। इसलिए नागरिकों को यह सलाह दी गई है कि वे किसी भी ऐसे कॉल, ईमेल या संदेश से सावधान रहें जिसमें खुद को ईडी अधिकारी बताने वाले व्यक्ति द्वारा कार्रवाई करने या गिरफ्तारी की धमकी दी जाती है। इस तरह की सभी कोशिशें आमतौर पर धोखाधड़ी का हिस्सा होती हैं।

    पिछले कुछ महीनों में ईडी के फर्जी कॉल और नोटिस भेजकर लोगों को डराने की घटनाओं में इजाफा हुआ है, जिसमें ठग लोगों से धन वसूलने की कोशिश करते थे। कई मामलों में पीड़ितों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई और बताया कि उन्हें ईडी की पूछताछ के नाम पर बड़ी रकम मांगी गई थी। ऐसे मामलों पर कठोरता से रोक लगाने के लिए यह तकनीकी सुधार आवश्यक समझा गया।

    क्यूआर कोड वाली नई प्रणाली से न केवल नागरिकों के लिए सत्यापन की प्रक्रिया आसान होगी बल्कि ईडी के कामकाज में भी पारदर्शिता बढ़ेगी। हर समन को ट्रैक किया जा सकेगा और यह पता लगाया जा सकेगा कि उसे किस सिस्टम से, किस समय और किन परिस्थितियों में जारी किया गया। इससे जाली समन तैयार करना लगभग असंभव हो जाएगा।

    सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि आम जनता को जागरूक होना होगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम सेल को देनी चाहिए। ईडी की वेबसाइट पर सत्यापन का विकल्प उपलब्ध रहते हुए नागरिक स्वयं भी समन की वैधता की जांच कर सकेंगे और फर्जीवाड़े की गुंजाइश समाप्त हो जाएगी।

    ईडी समन व्यवस्था में यह तकनीकी बदलाव देश के कानून-व्यवस्था तंत्र को मजबूत करता है और आम नागरिकों को सुरक्षा का मजबूत कवच प्रदान करता है। अब ईडी समन के नाम पर की जाने वाली धोखाधड़ी पर रोक लगने की पूरी उम्मीद है, क्योंकि QR कोड और पासकोड की नई प्रणाली फर्जी नोटिस तैयार करना लगभग असंभव बना देगी। सरकार का यह कदम डिजिटल सुरक्षा और नागरिक संरक्षण की दिशा में एक बड़ा और स्वागतयोग्य निर्णय माना जा रहा है।

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