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हरदोई जिले के संडीला क्षेत्र में बुधवार को एक निजी स्कूल में हुए गैस लीक ने स्कूल परिसर में हड़कंप मचा दिया। लायंस पब्लिक स्कूल में प्रैक्टिकल लैब के दौरान कथित रूप से जहलील गैस रिसाव हुआ, जिससे 20 से ज्यादा बच्चे बीमार हो गए। बच्चों को खांसी, उल्टी और बेहोशी की शिकायतें होने लगीं। स्कूल के शिक्षकों ने तुरंत बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया।
मौके पर पहुंची स्थानीय स्वास्थ्य टीम ने आनन-फानन में बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया और गंभीर हालत वाले बच्चों को पास के सीएचसी में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि अधिकांश बच्चों की हालत स्थिर है, लेकिन गैस के जहरीले प्रभाव से बच्चों के श्वसन मार्ग पर अस्थायी असर पड़ा। शिक्षा विभाग ने भी तुरंत मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल के प्रबंधन से जवाब तलब किया है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह घटना प्रैक्टिकल लैब में प्रयोग के दौरान हुई। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि किसी बच्चे ने लैब के रसायनों में मिलावट की थी, जिससे जहलील गैस रिसाव हुआ। हालांकि, स्कूल प्रशासन ने कहा कि यह अभी जांच का विषय है और किसी भी बच्चे की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। प्रशासन ने स्कूल की सभी लैब और प्रयोगशालाओं का निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं।
इस घटना ने स्कूलों में सुरक्षा मानकों और छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लैब में बच्चों को किसी भी प्रकार के खतरनाक रसायनों के प्रयोग से पहले प्रशिक्षित किया जाना चाहिए और सुरक्षा उपकरणों जैसे मास्क, वेंटिलेशन और आपातकालीन योजनाओं का पालन अनिवार्य किया जाना चाहिए।
सिटी मजिस्ट्रेट और स्वास्थ्य अधिकारियों ने मिलकर स्कूल प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि अगर कोई लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार कर्मचारियों और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, बच्चों के परिवारों को भी इस घटना की जानकारी दी गई और उन्हें बच्चों की देखभाल के लिए निर्देशित किया गया।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों में इस घटना को लेकर चिंता और नाराजगी देखी गई। उन्होंने स्कूल प्रशासन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। कई अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूलों में सभी प्रयोगशालाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए और बच्चों के लिए सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
इस हादसे के बाद कई अन्य निजी और सरकारी स्कूलों ने भी अपने विज्ञान प्रयोगशालाओं में सुरक्षा समीक्षा शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि सभी स्कूलों में लैब सुरक्षा प्रोटोकॉल को कड़ाई से लागू किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
हरदोई संडीला में हुए इस हादसे ने स्पष्ट कर दिया कि बच्चों की सुरक्षा और स्कूल में प्रयोगशालाओं की सुरक्षा मानक अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बच्चों के जीवन और स्वास्थ्य को जोखिम में डालने वाली कोई भी लापरवाही गंभीर परिणामों का कारण बन सकती है। इस घटना से शिक्षा जगत और स्थानीय प्रशासन दोनों को सबक मिला है कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना ही प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस तरह, लायंस पब्लिक स्कूल की प्रैक्टिकल लैब में हुई गैस लीक की घटना ने शिक्षा, सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण चेतावनी दे दी है। यह घटना न केवल बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बल्कि पूरे जिले में स्कूलों में सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने के लिए प्रेरक साबित होगी।








