ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच शुरू हुई ऐतिहासिक एशेज सीरीज ने पहले ही दिन एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। पर्थ स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने दो ऐसे खिलाड़ियों को डेब्यू करने का मौका दिया है, जो देश के इंडिजिनस समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। 31 वर्षीय सलामी बल्लेबाज जेक वेदराल्ड और 31 वर्षीय तेज गेंदबाज ब्रेंडन डॉगेट ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखते ही इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन में एक साथ दो इंडिजिनस खिलाड़ी मैदान पर उतरे हैं।
वेदराल्ड ने हाल ही में अपना 31वां जन्मदिन मनाया था और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हुए उन्होंने 77 फर्स्ट क्लास मैचों में 5322 रन बनाए हैं, जिनमें 13 शतक शामिल हैं। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज को उस्मान ख्वाजा के साथ पारी की शुरुआत का मौका मिला है। वहीं ब्रेंडन डॉगेट घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रभावित करते रहे हैं और उन्हें इस मैच में तेज गेंदबाज के रूप में शामिल किया गया है। यह भी संयोग ही है कि 1946 के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया में दो 30 वर्ष से अधिक आयु के खिलाड़ी एक ही मैच में अपना टेस्ट डेब्यू कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया इस मैच में अपने दो प्रमुख खिलाड़ियों की कमी के साथ मैदान पर उतरा है। कप्तान पैट कमिंस और तेज गेंदबाज जोश हेज़लवुड चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं, जिसकी वजह से टीम के सामने संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी थी। दूसरी ओर इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, क्योंकि पिछले तीन दौरों में उन्हें ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर जीत नसीब नहीं हुई है। इंग्लैंड इस बार सूखे को खत्म करने के इरादे के साथ उतरा है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया का मजबूत घरेलू रिकॉर्ड इंग्लैंड के लिए चुनौती बना हुआ है।
एशेज का यह पहला मुकाबला सिर्फ दोनों टीमों के संघर्ष के लिए ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण सामाजिक और सांस्कृतिक मोड़ के तौर पर भी दर्ज हो गया है। इंडिजिनस खिलाड़ियों को लगातार मौके देने और उन्हें मुख्यधारा क्रिकेट में प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में यह कदम क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के प्रयासों को और मजबूत करता है।








