इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

पश्चिम बंगाल में फुटबॉल के महानायक लियोनेल मेसी के ‘GOAT India’ टूर कार्यक्रम के दौरान कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में बड़ी अव्यवस्था और अराजकता देखने को मिली। इस घटना के बाद राज्य के खेल मंत्री आरूप बिस्वास ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर अपने पद से त्यागपत्र देने की पेशकश की।
मेस्सी कार्यक्रम में उपस्थित दर्शक, जो अपने हीरो को देखने के लिए बड़ी संख्या में आए थे, VIP के कारण सही दृश्य न मिलने और आयोजकों की कथित चूक के कारण नाराज़ हो गए। भीड़ ने बॉटलें और कुर्सियां फेंककर स्टेडियम में तोड़फोड़ की, जिससे माहौल अत्यंत तनावपूर्ण हो गया।
सॉल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम को मेसी और उनके प्रशंसकों के लिए विशेष दिन माना गया था। लेकिन आयोजन में कई चूकें सामने आईं। मेसी ने कार्यक्रम के दौरान जल्द ही स्टेडियम छोड़ दिया, जिससे दर्शक नाराज़ हो गए।
लोगों ने दावा किया कि आयोजकों ने उन्हें ठीक से देखने का मौका नहीं दिया और स्टेडियम में सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन की गंभीर चूक हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन नहीं किया गया, और स्टेडियम में पानी की बोतलें और अन्य सामग्री अनुमति के बिना लाई गई थीं।
भीड़ के गुस्से के कारण कुछ प्रशंसकों ने स्टेडियम में कुर्सियां तोड़ी और बॉटलें फेंकी, जिससे सुरक्षा बलों को स्थिति नियंत्रण में लाने में कठिनाई हुई।
खेल मंत्री आरूप बिस्वास ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर इस्तीफा देने की पेशकश की। बिस्वास ने कहा कि उन्हें इस घटना की गहरी चिंता है और यदि प्रशासन की चूक के लिए जिम्मेदारी लेनी पड़े, तो वे अपने पद से हटने को तैयार हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम राज्य की सियासत में बड़ा संदेश है और सरकार के सामने जवाबदेही और सुधार की चुनौती खड़ी करता है।
कार्यक्रम की अराजकता के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की। समिति ने रिपोर्ट में सुरक्षा और आयोजकों की गंभीर चूकें उजागर की।
मुख्य आयोजक सतद्रु दत्ता को उसी दिन गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर पुलिसकर्मी पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान, और अन्य अपराध के तहत मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तार व्यक्तियों पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं, पब्लिक ऑर्डर अधिनियम (MPO) और Damage to Public Property Act के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच समिति की सिफारिशों के आधार पर, पश्चिम बंगाल सरकार ने DGP राजीव कुमार और Bidhannagar पुलिस कमिश्नर मुकेश कुमार को शो-कारण नोटिस भेजा। उन्हें स्टेडियम में हुई चूक का 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया।
मुख्य सचिव मनोज पंत ने बयान जारी कर कहा कि सरकार इस मामले में किसी भी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
विपक्षी दल भाजपा ने इस घटना पर तीखा हमला किया। उन्होंने ममता सरकार पर आयोजन की असफलता, सुरक्षा की चूक और जनता के अधिकार की अनदेखी के आरोप लगाए। बीजेपी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, धन वापसी सुनिश्चित करना और भविष्य के आयोजनों के लिए मानक तय करने की मांग की।
वहीं, राज्य के विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो मेसी को दोबारा कोलकाता लाने और आयोजन के प्रबंधन में सुधार का भरोसा देंगे।
स्टेडियम में उपस्थित दर्शक और फुटबॉल प्रेमियों ने भी गहरी नाराज़गी जताई। हजारों रुपये खर्च कर टिकट लेने वाले लोग अपने हीरो को देखने से वंचित रह गए। लोगों ने सोशल मीडिया पर आयोजन की गंभीर आलोचना की और सरकार से जवाबदेही की मांग की।
फुटबॉल प्रेमियों का कहना है कि कोलकाता की प्रतिष्ठित फुटबॉल संस्कृति को बचाने और भविष्य के आयोजनों में सुधार लाने की आवश्यकता है।
लियोनेल मेसी के कार्यक्रम में हुई अराजकता केवल मनोरंजन कार्यक्रम का विफल होना नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक चूक, सुरक्षा प्रबंधन और राजनीतिक जिम्मेदारी पर सवाल उठाती है। खेल मंत्री आरूप बिस्वास का त्यागपत्र इस घटना का सीधा परिणाम है और राज्य सरकार के लिए बड़े स्तर की चुनौती है।
अब बंगाल सरकार को जवाबदेही, सुधार और भविष्य के आयोजनों के लिए सख्त कदम उठाने होंगे ताकि राज्य के फुटबॉल प्रेमियों और जनता के विश्वास को बनाए रखा जा सके।








