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गोवा के उत्तरी क्षेत्र अर्पोरा में स्थित चर्चित नाइट क्लब ‘Birch by Romeo Lane’ में हुए भीषण अग्निकांड, जिसमें 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस हादसे के बाद देश छोड़कर फरार हुए क्लब मालिक गौरव लुथरा और सौरभ लुथरा को थाईलैंड से दिल्ली डिपोर्ट कर भारत लाया गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की।
जानकारी के अनुसार, लुथरा ब्रदर्स को अब दिल्ली की अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से गोवा पुलिस ट्रांजिट रिमांड की मांग करेगी, ताकि उन्हें आगे की जांच के लिए गोवा ले जाया जा सके।
पुलिस जांच में सामने आया है कि 6 दिसंबर की रात करीब 11:45 बजे नाइट क्लब में भीषण आग लगी थी। इस हादसे में दिल्ली के एक परिवार के चार सदस्यों समेत 25 लोगों की मौत हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद क्लब में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग बाहर निकलने में असफल रहे।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आग लगने के महज 90 मिनट बाद, यानी रात 1:17 बजे, लुथरा ब्रदर्स ने थाईलैंड के लिए फ्लाइट टिकट बुक कर लिया और सुबह 5:30 बजे भारत छोड़कर थाईलैंड के फुकेत रवाना हो गए।
हादसे के बाद गोवा पुलिस ने मामले में तेजी से जांच शुरू की और लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया। भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए इंटरपोल के माध्यम से ब्लू नोटिस जारी कराया। इसके आधार पर थाईलैंड की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने लुथरा ब्रदर्स को फुकेत के एक होटल से हिरासत में लिया।
इसके बाद भारतीय दूतावास की मदद से उन्हें इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रखा गया। इस दौरान भारत सरकार ने उनके पासपोर्ट जब्त और रद्द कर दिए तथा दो आपातकालीन यात्रा प्रमाण पत्र जारी किए, जिसके बाद डिपोर्टेशन की प्रक्रिया पूरी हुई।
इस बीच, दिल्ली की एक अदालत ने लुथरा ब्रदर्स की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत में बचाव पक्ष ने दावा किया कि दोनों भाई काम के सिलसिले में थाईलैंड गए थे और वे फरार नहीं थे।
हालांकि, गोवा पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि लुथरा ब्रदर्स का थाईलैंड में कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं थी और उन्होंने जांच में कोई सहयोग नहीं किया। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि भारत छोड़ते समय उन्होंने अधिकारियों को गुमराह किया।
गोवा पुलिस ने लुथरा ब्रदर्स के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:
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धारा 105 – गैर-इरादतन हत्या
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धारा 125 (a) और (b) – जीवन और व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना
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धारा 287 – आग या ज्वलनशील पदार्थों के साथ लापरवाही
पुलिस के अनुसार, क्लब में फायर सेफ्टी नियमों का घोर उल्लंघन किया गया था।
इस मामले में अब तक छह अन्य लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें क्लब का पांच सदस्यीय प्रबंधकीय स्टाफ और अजय गुप्ता शामिल हैं। अजय गुप्ता को लुथरा ब्रदर्स का बिजनेस पार्टनर बताया गया है, जो क्लब के संचालन में शामिल था।
इसके अलावा, एक और आरोपी सुरिंदर कुमार खोसला, जो ब्रिटिश नागरिक हैं और क्लब की संपत्ति के मालिक बताए जा रहे हैं, फिलहाल देश से बाहर फरार हैं। पुलिस उनकी भी तलाश कर रही है।
हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों ने लुथरा ब्रदर्स की भारत वापसी को न्याय की दिशा में अहम कदम बताया है। उनका कहना है कि वे चाहते हैं कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अब जबकि लुथरा ब्रदर्स भारत लौट आए हैं, जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इस मामले में कई अहम खुलासे हो सकते हैं। पुलिस क्लब की अनुमतियों, फायर ऑडिट रिपोर्ट, लीज एग्रीमेंट और प्रशासनिक लापरवाही की भी जांच कर रही है।
गोवा क्लब अग्निकांड ने एक बार फिर देश में मनोरंजन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लुथरा ब्रदर्स का हादसे के तुरंत बाद देश छोड़ना और अब थाईलैंड से उनकी डिपोर्टेशन यह दर्शाती है कि कानून से भागना अब आसान नहीं है। आने वाले दिनों में यह मामला और भी गंभीर मोड़ ले सकता है।








