भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार विराट कोहली ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब बात बड़े टूर्नामेंट और दबाव भरे मुकाबलों की होती है, तो उनका नाम सबसे पहले लिया जाता है। विजय हजारे ट्रॉफी में करीब 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद घरेलू क्रिकेट में लौटे विराट कोहली ने इसे केवल औपचारिक वापसी नहीं बनने दिया, बल्कि 131 रनों की शानदार पारी खेलकर यह साफ संकेत दे दिया कि वह आने वाले वर्ल्ड कप के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली की टीम 299 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी। ऐसे दबाव भरे मुकाबले में विराट कोहली ने 101 गेंदों में 131 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली और दिल्ली को शानदार जीत दिलाई। यह उनकी पहली विजय हजारे ट्रॉफी पारी थी, जिसने पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
यह पारी पूरी तरह वनडे स्टाइल की थी—संयमित शुरुआत, बीच के ओवरों में रन गति बनाए रखना और सेट होने के बाद गेंदबाजों पर करारा प्रहार। कोहली ने केवल रन ही नहीं बनाए, बल्कि मैच की रफ्तार और नियंत्रण भी अपने हाथ में रखा।
इस शतकीय पारी के साथ विराट कोहली ने लिस्ट-ए क्रिकेट में 16,000 रन पूरे कर लिए। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह भारत के केवल दूसरे बल्लेबाज़ बने हैं। उनसे पहले यह मुकाम सिर्फ महान सचिन तेंदुलकर ने हासिल किया था। यह आंकड़ा कोहली की निरंतरता, फिटनेस और लंबे करियर की मजबूती को दर्शाता है।
विराट कोहली का यह घरेलू शतक किसी अलग-थलग प्रदर्शन का नतीजा नहीं है। इससे पहले दिसंबर की शुरुआत में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत के लिए लगातार दो वनडे शतक लगाए थे। ऐसे में यह साफ हो गया है कि कोहली का फॉर्म लगातार ऊपर की ओर जा रहा है और वह पूरी लय में बल्लेबाजी कर रहे हैं।
विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने उनके प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पारी उनके निरंतर शानदार फॉर्म का ही विस्तार है। उन्होंने कहा—
“विराट इस समय बेहतरीन फॉर्म में हैं। उन्होंने भारत के लिए हाल ही में जो शतक लगाए थे, उसी लय को घरेलू क्रिकेट में भी जारी रखा। इतने लंबे समय बाद घरेलू क्रिकेट में लौटकर इस तरह की पारी खेलना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने इसे बेहद शानदार तरीके से अंजाम दिया।”
राजकुमार शर्मा ने यह भी साफ किया कि उनके अनुसार विराट कोहली वर्ल्ड कप के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कोहली भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद और निरंतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हैं, और बड़े टूर्नामेंट में उनका अनुभव टीम के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।
विराट कोहली की इस दमदार वापसी ने टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर को सोचने पर मजबूर कर दिया है। टीम प्रबंधन इस समय युवा खिलाड़ियों को अधिक मौके देने की रणनीति पर काम कर रहा है, लेकिन कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी को नज़रअंदाज़ करना आसान नहीं होगा।
भारतीय क्रिकेट इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जहां युवा खिलाड़ियों की एक नई पीढ़ी उभर रही है। लेकिन वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर अनुभव की भूमिका बेहद अहम होती है। विराट कोहली ने अपने प्रदर्शन से यह याद दिलाया है कि अनुभव, क्लास और दबाव में खेलने की क्षमता किसी भी युवा जोश से कम नहीं होती।
दिल्ली के लिए यह जीत टूर्नामेंट में दो महत्वपूर्ण अंक लेकर आई, वहीं भारतीय टीम प्रबंधन के लिए यह एक साफ संकेत है कि विराट कोहली अभी रन बनाने के लिए भूखे हैं और उनका जुनून बरकरार है। वर्ल्ड कप अभी करीब डेढ़ साल दूर है, लेकिन कोहली ने अभी से अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है।
विजय हजारे ट्रॉफी में 131 रनों की पारी विराट कोहली के करियर का सिर्फ एक और शतक नहीं है, बल्कि यह आने वाले वर्ल्ड कप की तैयारी का स्पष्ट ऐलान है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि भले ही समय बदले, लेकिन उनकी क्लास और भूख आज भी वही है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम प्रबंधन इस अनुभवी बल्लेबाज़ को अपनी वर्ल्ड कप रणनीति में किस तरह शामिल करता है, लेकिन इतना तय है कि विराट कोहली ने अपने बल्ले से गंभीर और अगरकर को पूरी तरह अलर्ट कर दिया है।








