
सुमित ने सिविल इंजीनियरिंग में बीई की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान उनका रुझान पर्यावरण और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की ओर बढ़ता गया। इसी जुनून ने उन्हें सिंहगढ़ इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूट, पुणे में उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया। खास बात यह रही कि इस दौरान उनके पास तीन नौकरी के ऑफर लेटर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने अल्पकालिक आराम की बजाय दीर्घकालिक लक्ष्य को चुना।
बहुत कम उम्र में ही सुमित ने तय कर लिया था कि वे नौकरी तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि अपना व्यवसाय खड़ा करेंगे। इसमें उन्हें अपने माता-पिता का पूरा सहयोग मिला, विशेष रूप से उनके मामा, जिन्हें 20 वर्षों से अधिक का व्यावसायिक अनुभव था। इस मार्गदर्शन ने सुमित के आत्मविश्वास को और मजबूत किया।
पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने इको-फ्रेंडली फर्टिलाइज़र, किचन गार्डन कंसल्टेंसी और पर्यावरण मार्गदर्शन सेवाएं देना शुरू कर दिया। इससे न केवल वे अपने खर्च स्वयं उठाने लगे, बल्कि उन्हें व्यवसाय का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हुआ।
शिक्षा पूर्ण करने के बाद सुमित बिना किसी नौकरी के संभाजीनगर लौटे। निराश होने की बजाय उन्होंने DS Eco Store की शुरुआत की, जहां पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों की बिक्री की जाती थी। यह उनके औपचारिक उद्यमी सफर की पहली मजबूत नींव बनी।
इसके बाद उन्होंने DS Group (Consultants and Services) के अंतर्गत कंस्ट्रक्शन कंसल्टेंसी और रिनोवेशन प्रोजेक्ट्स शुरू किए। स्वयं की दुकान से संचालित इस व्यवसाय में धीरे-धीरे सिविल वर्क, प्लंबिंग सर्विसेज, और बड़े प्रोजेक्ट्स जैसे रो हाउस, कमर्शियल बिल्डिंग और रेसिडेंशियल अपार्टमेंट्स शामिल होते गए।
साल 2018 के अंत में मातोश्री रेसिडेंसी – अपार्टमेंट्स का भूमिपूजन हुआ, जो सुमित का पहला ड्रीम प्रोजेक्ट था। इसके साथ-साथ बंगले और रिनोवेशन प्रोजेक्ट्स भी लगातार चलते रहे। लगभग दो वर्षों तक व्यवसाय में स्थिरता और निरंतर वृद्धि देखने को मिली।
कोविड-19 महामारी ने सुमित के व्यवसाय को गहरा झटका दिया। कंस्ट्रक्शन गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गईं और आर्थिक दबाव बढ़ने लगा। हालांकि, लॉकडाउन में ढील मिलने के बाद उन्होंने अधूरे प्रोजेक्ट्स पूरे किए और धीरे-धीरे वित्तीय संतुलन वापस पाया।
मार्च 2021 में इसी अनिश्चित दौर के बीच उन्होंने सादगीपूर्ण विवाह किया, जिसमें केवल करीबी परिवार और मित्र शामिल थे।
विवाह के कुछ समय बाद बाजार में फिर से मंदी आई और नए प्रोजेक्ट्स लगभग बंद हो गए। घरेलू जिम्मेदारियों को समझते हुए सुमित ने ₹12,000 मासिक वेतन पर साइट इंजीनियर की नौकरी स्वीकार की। यह निर्णय उनके आत्मसम्मान से बड़ा था, लेकिन जिम्मेदारी और यथार्थ का परिचायक भी।
इस दौर में उन्हें ऑन-साइट एग्जीक्यूशन, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और बिल्डर्स के साथ काम करने का गहरा अनुभव मिला।
कुछ ही महीनों में उन्हें वैजापुर में बेहतर अवसर मिला, जहां वे रोड प्रोजेक्ट्स से जुड़े। अगले 2–2.5 वर्षों में उनका सफर पुणे से मुंबई तक पहुंचा। मेहनत और ईमानदारी के बल पर उनका वेतन ₹12,000 से बढ़कर ₹70,000 तक पहुंच गया।
इस पूरे सफर में उनकी पत्नी सुजाता हर कदम पर उनके साथ खड़ी रहीं, चाहे वह स्थानांतरण हो या शुरुआती संघर्ष।
मुंबई में प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में कार्य करते समय सुमित की ईमानदारी कई बार चुनौती बन गई। एक गंभीर घटना में उन्हें जानलेवा हमले का भी सामना करना पड़ा। लेकिन परिवार के आशीर्वाद और अपने सिद्धांतों के बल पर वे सुरक्षित और और अधिक मजबूत बनकर उभरे।
आर्थिक स्थिरता आने के बाद सुमित ने फिर से उद्यमिता की राह पकड़ी और संभाजीनगर लौटकर DS Group – Deshmukh Sons Trading Company की स्थापना की। इस बार उन्होंने प्लंबिंग और सैनिटरीवेयर सेक्टर को चुना, जहां उनकी विशेषज्ञता और बाजार की मांग दोनों मौजूद थीं।
आज 8–10 वर्षों के अनुभव के साथ DS Group एक विश्वसनीय नाम बन चुका है। केवल तीन वर्षों में कंपनी ने प्लंबिंग सेवाओं में मजबूत पहचान बनाई है। गुणवत्ता, समय पर कार्य और ग्राहक संतुष्टि के कारण रिपीट क्लाइंट्स की संख्या लगातार बढ़ रही है।
इस सफलता में एक और अध्याय जुड़ा है—सुमित की पत्नी सुजाता का Khadyam Foods नामक फूड बिज़नेस। एक वर्ष से अधिक समय में इस व्यवसाय को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है, जिससे परिवार की उद्यमशील यात्रा और मजबूत हुई है।
सुमित सुभाष देशमुख के संघर्ष, ईमानदारी और उद्यमशील योगदान को मान्यता देते हुए उनका चयन “Maharashtra Business Icon 2025 / Maharashtra Style Icon 2025 / Maharashtra Fashion Icon 2025” पुरस्कारों के लिए किया गया है। यह सम्मान Reseal.in और India Fashion Icon Magazine द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
इस समारोह में प्रसिद्ध फिल्मी हस्तियां—
सुश्री वर्षा उसगांवकर,
सुश्री सोनाली कुलकर्णी,
सुश्री प्रार्थना बेहेरे उपस्थित रहेंगी।
कार्यक्रम का आयोजन Reseal.in (Sure Me Multipurpose Pvt. Ltd.) के Founder & CEO श्री सुधीर कुमार पाठड़े के नेतृत्व में किया जा रहा है।
सुमित देशमुख की कहानी यह सिखाती है कि सफलता सीधी रेखा में नहीं मिलती। संघर्ष, असफलता, नौकरी, जोखिम और पुनः उद्यम—हर चरण ने उन्हें और मजबूत बनाया। आज वे न केवल एक सफल उद्यमी हैं, बल्कि उन युवाओं के लिए प्रेरणा भी हैं जो विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते।








