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आंध्र प्रदेश के भोगापुरम (Bhogapuram) में स्थित नया अल्लूरी सीताराम राजू (ASR) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जून 2026 तक चालू होने के लिए तैयार हो रहा है। यह हवाई अड्डा विज़ाग (Visakhapatnam) और उत्तर आंध्र प्रदेश के लिए एक बड़ा विमानन केंद्र बनने जा रहा है, जिससे क्षेत्र की उड़ान सुविधाओं और कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
पहला वेरीफिकेशन/ वैलिडेशन विमान उतर गया
4 जनवरी 2026 को इस नए हवाई अड्डे पर पहला वैलिडेशन (validation) उड़ान सफलतापूर्वक लैंड की गई, जो कि आम वाणिज्यिक सेवाओं के प्रारंभ के लिए एक अहम परीक्षण कदम है। इस मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। इस उड़ान ने हवाई बुनियादी ढांचे, रनवे, नेविगेशन सिस्टम और एयरसाइड सुविधाओं की ऑपरेशनल तैयारियों को जांचा और साबित किया।
औपचारिक उद्घाटन और वाणिज्यिक सेवाएँ
हवाई अड्डा 26 जून 2026 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा औपचारिक रूप से उद्घाटित किया जाएगा। इसके तुरंत बाद ही यहाँ व्यावसायिक कमर्शियल उड़ानों (commercial operations) का शुभारंभ होने की योजना है। इससे वर्तमान में विज़ाग के पास चल रहे विमान सेवाओं पर दबाव कम होगा और भारत के पूर्वी तटों पर विमान कनेक्टिविटी में बढ़ोतरी आएगी।
भौगोलिक और आर्थिक महत्व
भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा:
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विज़ाग (Visakhapatnam) से लगभग 44 किमी और
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विजयनगरम (Vizianagaram) से 23 किमी की दूरी पर स्थित है।
यह उत्तर आंध्र प्रदेश के व्यवसाय, पर्यटन और ट्रैफिक कनेक्टिविटी के लिए एक बड़ा विमानन केंद्र बनकर उभरेगा।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इसे क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह हवाई अड्डा न सिर्फ यात्री कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, बल्कि निवेश, रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।
अग्रिम सुविधाएँ और कनेक्टिविटी
यह हवाई अड्डा उच्च तकनीकी मानकों के साथ विकसित किया जा रहा है और इसे GMR कंपनी द्वारा पीपीपी (public-private partnership) मॉडल के तहत बनाया जा रहा है। पहला चरण लगभग 6 मिलियन यात्रियों की वार्षिक क्षमता के हिसाब से डिज़ाइन किया गया है, जिसे आगे यात्रियों की संख्या के अनुसार बढ़ाया जा सकेगा।
भविष्य में यहां उड़ानों की संख्या, अंतरराष्ट्रीय संपर्क और माल परिवहन सुविधाओं में विस्तार की उम्मीद है, जो पूरे पूर्वी भारत और दक्षिण-पूर्वी एशिया को जोड़ने में मदद करेगा








