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बॉलीवुड अभिनेता और राजनेता रितेश देशमुख ने महाराष्ट्र BJP अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण द्वारा उनके दिवंगत पिता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख को लेकर दिए गए विवादित बयान पर भावनात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। चव्हाण के बयान को लेकर राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
क्या कहा BJP नेता ने?
पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र BJP अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कहा था कि लातूर से विलासराव देशमुख की यादें “पूरी तरह मिटा दी जाएंगी” क्योंकि पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह इतना है कि पुराने प्रभावों का प्रभाव नहीं रहेगा। इससे विवादित राजनीतिक बयान सामने आया और विपक्षी दलों ने इस पर तीखी आलोचना की।
रितेश देशमुख का तीखा और भावनात्मक उत्तर
चव्हाण के बयान के बाद रितेश देशमुख ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो बयान जारी किया। उन्होंने कहा:
“मैं हाथ जोड़कर कहता हूँ कि लोगों के लिए जिन लोगों ने जीवन समर्पित किया, उनके नाम लोगों के दिलों में उकेरे जाते हैं। कागज़ पर लिखा हुआ मिटाया जा सकता है, लेकिन जो मन में कोर दिया गया है, वह मिटाया नहीं जा सकता।”
47 वर्षीय अभिनेता ने अपने पिता की विरासत को सम्मान के साथ याद करते हुए स्पष्ट किया कि जनता के दिलों में बसे हुए नाम और यादें किसी विवादास्पद बयान से मिटाई नहीं जा सकती हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और विरोध
रितेश के बयान के बाद कांग्रेस नेताओं ने भी भाजपा के बयान की कड़ी आलोचना की। कांग्रेस का तर्क है कि विलासराव देशमुख ने महाराष्ट्र के विकास के लिए अपना जीवन समर्पित किया और उनके योगदान को कोई राजनीतिक बयान प्रभावित नहीं कर सकता। विपक्ष ने चव्हाण के बयान को “शक्ति के गर्व” और **देशमुख की विरासत को कमतर दिखाने की कोशिश” बताया।
पूर्व सीएम के पुत्र अमित देशमुख ने भी चव्हाण के बयान की निंदा की और कहा कि ऐसा बयान लातूर के निवासियों की भावनाओं को ठेस पहुँचाता है। उन्होंने विपक्षी नेतृत्व की टिप्पणियों को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया और स्पष्ट किया कि उनके पिता की यादें हमेशा लोगों के दिलों में रहेंगी।
बयान पर माफी भी
विधाई प्रतिक्रिया के बीच, रविंद्र चव्हाण ने अपने बयान के बारे में कहा कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को आहत करने का नहीं था। उन्होंने दावा किया कि उनका बयान राजनीतिक रूप से प्रेरित नहीं था और अगर किसी को चोट पहुँची है तो वे क्षमा चाहते हैं।
विलासराव देशमुख का राजनीतिक योगदान
विलासराव देशमुख महाराष्ट्र के दो बार मुख्यमंत्री रहे हैं और लातूर से उनका गहरा जुड़ाव रहा है। वे राज्य के विकास कार्यों और ग्रामीण क्षेत्रों के उत्थान के लिये याद किए जाते हैं।








