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महाराष्ट्र के बीड ज़िले के जाटेगांव जैसे अविकसित ग्रामीण क्षेत्र में जन्मे और पले-बढ़े डॉ. रामेश्वर चव्हाण ने बचपन से ही गाँववासियों की कठिनाइयों को बहुत पास से देखा। यहाँ के अधिकांश लोग गन्ना मजदूरी पर निर्भर थे और स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, स्वच्छ पानी तथा बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी।
इन हालातों को बदलने के उद्देश्य से डॉ. चव्हाण ने शहरों में स्थापित करियर बनाने के बजाय अपने गाँव और आसपास के ग्रामीण अंचलों की सेवा को जीवन का लक्ष्य बनाया।
डॉ. चव्हाण ने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए।
वे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का निःशुल्क या उधार इलाज करते रहे और कभी भी किसी मरीज को आर्थिक कारणों से वापस नहीं लौटाया।
✔️ दूर-दराज़ क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा सेवा
✔️ घर-घर जाकर उपचार की सुविधा
✔️ एक भरोसेमंद पारिवारिक चिकित्सक के रूप में पहचान
इन्हीं कारणों से वे आज ग्रामीण जनता के बीच विश्वास और सम्मान का प्रतीक हैं।
स्वास्थ्य सेवा के अनुभव ने डॉ. चव्हाण को यह एहसास कराया कि शिक्षा के बिना समाज का सर्वांगीण विकास संभव नहीं। इसी सोच के साथ उन्होंने ग्रामीण बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने हेतु कई शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की—
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Sanjivani English School, जाटेगांव
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Yamadevi English School, तालखेड (माजलगांव)
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Yashraj Public School & Junior College
इन संस्थानों का उद्देश्य वंचित और गरीब परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, मूल्य-आधारित और आधुनिक शिक्षा प्रदान करना है।
आज इन शिक्षण संस्थानों में 650 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जो आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रोफेशनल करियर और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में अग्रसर हैं।
डॉ. चव्हाण का विज़न शिक्षा और स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहा। ग्रामीण समाज की आर्थिक चुनौतियों को समझते हुए उन्होंने वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में भी ठोस कदम उठाए।
उन्होंने दो वित्तीय संस्थाओं की स्थापना की—
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Yamai Multiple Nidhi Ltd., जाटेगांव
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Yamai Women’s Urban Co-operative Credit Society, गेवराई

इन संस्थाओं के माध्यम से—
✔️ शिक्षा, व्यवसाय और कृषि के लिए ऋण
✔️ महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहयोग
✔️ त्वरित, पारदर्शी और भरोसेमंद वित्तीय सेवाएँ
आज इन संस्थाओं के पास ₹7.5 करोड़ से अधिक की जमा राशि, ₹6 करोड़ से अधिक का ऋण वितरण,
4200+ संतुष्ट खाताधारक और 98% रिकवरी रेट है, जो ग्रामीणों के भरोसे का प्रमाण है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती शराब की लत को गंभीर सामाजिक समस्या मानते हुए डॉ. चव्हाण ने
Sanjivani De-addiction Center, जाटेगांव की शुरुआत की।
इस केंद्र के माध्यम से हज़ारों लोगों का पुनर्वास हुआ है, जिससे न केवल व्यक्ति बल्कि पूरा परिवार और समाज सकारात्मक परिवर्तन की ओर बढ़ा है।
डॉ. चव्हाण अपने इस सामाजिक सफर को एक सामूहिक प्रयास मानते हैं।
वे अपनी पत्नी डॉ. अर्चना चव्हाण, परिवार, सहयोगियों और ग्रामीणों के सहयोग को अपनी उपलब्धियों का महत्वपूर्ण आधार मानते हैं।
एक साधारण ग्रामीण डॉक्टर के रूप में शुरू हुआ डॉ. रामेश्वर चव्हाण का सफर आज ग्रामीण परिवर्तन और सामाजिक उद्यमिता का प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है।
उनकी पहलें आज शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण का ऐसा मॉडल प्रस्तुत करती हैं, जिसने बीड ज़िले में हज़ारों ज़िंदगियों को नई दिशा और आत्मनिर्भरता दी है।
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Yamai Women’s Urban Co-operative Credit Society, Georai
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Yamai Multiple Nidhi Ltd., Jategaon
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Sanjivani Hospital, Jategaon
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Sanjivani De-addiction Center, Jategaon
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Sanjivani English School, Jategaon
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Yashraj Public School & Junior College
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Yamadevi English School, Talkhed, Majalgaon, Beed
ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण में उल्लेखनीय योगदान के लिए
डॉ. रामेश्वर चव्हाण का चयन—
🏅 Maharashtra Business Icon 2025
🏅 Maharashtra Style Icon 2025
🏅 Maharashtra Fashion Icon 2025
के लिए किया गया है। यह सम्मान Reseal.in और India Fashion Icon Magazine द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
यह उपलब्धि न केवल डॉ. चव्हाण के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
इस प्रतिष्ठित समारोह में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी—
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वरशा उसगांवकर
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सोनाली कुलकर्णी
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प्रार्थना बेहरे
इस समारोह का आयोजन Reseal.in (Sure Me Multipurpose Pvt. Ltd.) के Founder & CEO
श्री सुधीर कुमार पठाडे के नेतृत्व में किया जा रहा है, जो महाराष्ट्र के उभरते उद्यमियों, रचनात्मक प्रतिभाओं और सामाजिक परिवर्तनकर्ताओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर रहे हैं।









