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दुनिया की प्रमुख हीरा कंपनी De Beers Group अपने भारत संचालन का विस्तार कर रही है, क्योंकि प्राकृतिक हीरों की आपूर्ति कम हो रही है और युवा खरीदारों, खासकर Gen-Z के बीच हीरों की मांग बढ़ रही है। कंपनी मुम्बई में अपना सबसे बड़ा ग्लोबल फ़ोरएवरमार्क स्टोर खोल रही है और भारत को अपने रणनीतिक विकास केंद्र के रूप में देख रही है।
भारत हीरों का अगला बड़ा बाजार
De Beers के CEO एल कुक के अनुसार भारत की प्राकृतिक हीरों की मांग 2030 तक दोगुनी होने की उम्मीद है, इसलिए कंपनी यहाँ अधिक ऊर्जा और निवेश लगा रही है। भारत ने 2025 में दुनिया में चीनी को पछाड़कर प्राकृतिक हीरों का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बनने का रिकॉर्ड बनाया है। Gen-Z खरीददारों का हिस्सा बढ़कर लगभग 51 % तक पहुंच चुका है, जिससे कंपनी के लिए युवा बाजार और भी लाभदायक बन रहा है।
Forevermark रिटेल विस्तार योजनाएँ
De Beers अपनी Forevermark रिटेल स्टोर की संख्या बढ़ा रहा है — 2026 के अंत तक 25 स्टोर पहुँचाने और 2030 तक 100 स्टोर खोलने का लक्ष्य है। कंपनी का फोकस सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के बढ़ते मध्यम और उच्च-आय वर्ग को भी टैप करना है।
उद्योग की चुनौतियाँ और अवसर
हालांकि प्राकृतिक हीरों की आपूर्ति वैश्विक स्तर पर चुनौतीपूर्ण बनी हुई है और बड़े बाजारों में आर्थिक अनिश्चितताएँ हैं, भारत का तेज़ विकास और संस्कृति-आधारित मांग इसे De Beers के लिए आकर्षक बनाती है। कंपनी का मानना है कि प्राकृतिक और लैब-ग्रोन दोनों प्रकार के हीरे अलग-अलग उपयोगकर्ता जरूरतों को पूरा करेंगे और साथ में coexist करेंगे।
भारत का बदलता हीरा परिदृश्य
भारत पहले से ही हीरों के कटिंग और पॉलिशिंग में विश्व का प्रमुख केंद्र है, और अब इसका रिटेल हिस्से में भी बड़ा योगदान बढ़ रहा है। De Beers की विस्तार रणनीति, युवा ग्राहक वर्ग और अर्थव्यवस्था में निरंतर वृद्धि के कारण, यह संकेत मिलता है कि भारत दीर्घकालिक रूप से प्राकृतिक हीरा उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण विकास इंजन बनता जा रहा है।








