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कोलकाता में ठंडी मौसम की वजह से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘खराब (Poor)’ से ‘बहुत खराब (Very Poor)’ श्रेणी तक पहुंच गया है, जिससे नागरिकों के स्वाथ्य पर गंभीर प्रभाव के संकेत मिल रहे हैं। शहर के कुछ प्रमुख स्थलों पर प्रदूषण का स्तर चिंताजनक रूप से बढ़ा है।
किस‑किस इलाके में कितनी स्थिति?
शहर के Ballygunge, Fort William, Rabindra Bharati University (BT Road), Victoria Memorial और Rabindra Sarobar जैसे स्थानों पर मौसम के ठंडा होने के साथ AQI ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज हुआ। शाम तक Ballygunge और Jadavpur में स्थिति और भी गंभीर हो गई और AQI ‘बहुत खराब’ पहुंच गया। वहीं Bidhannagar मात्र ‘मध्यम (Moderate)’ श्रेणी का दर्जा बनाए रखने में सफल रहा।
स्वास्थ्य पर संभावित असर
राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के अनुसार:
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‘बहुत खराब’ वायु गुणवत्ता में दीर्घकालिक संपर्क से श्वसन संबंधी बीमारियाँ हो सकती हैं।
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‘खराब’ वायु अधिकांश लोगों के लिए साँस लेने में असुविधा का कारण बन सकती है।
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‘मध्यम’ श्रेणी भी फेफड़ों, दिल या अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए चिंताजनक हो सकती है।
क्यों खराब हो रही है हवा?
विशेषज्ञों का मानना है कि सर्द मौसम की स्थितियाँ, जैसे सतह के पास ठंडी हवा, धूप की कमी और प्रदूषकों का फैलाव कम होना, शहर की वायु गुणवत्ता को और बिगाड़ रहे हैं। इस तरह की स्थितियों में धूल, धुएँ और अन्य कण हवा में लंबे समय तक बने रहते हैं, जिससे AQI ‘खराब’ या ‘बहुत खराब’ स्तर पर पहुंच जाता है।
ध्यान रखने योग्य बातें
सर्दी के मौसम में प्रदूषण अकेले कोलकाता ही नहीं, कई बड़े शहरों में बढ़ता है क्योंकि ठंडी हवा धुएँ और धूल को फँसाकर रखती है। इससे घने कोहरे और स्मॉग की स्थिति भी बनती है, जिससे दृश्यता कम होने के साथ स्वास्थ्य जोखिम और यात्रा मुश्किलें भी बढ़ जाती हैं।








