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युवा धावक गोविंद कुमार खरोळ, जिन्हें “बिंदास गोविंद” के नाम से भी जाना जाता है, 18 जनवरी 2026 को होने वाली Tata मुंबई हाफ मैराथन में 21 किलोमीटर (हाफ मैराथन) दूरी के लिए पेसर के रूप में भाग लेंगे। वे 2 घंटे 10 मिनट वाली लक्ष्य “बस” (समय समूह) को आगे बढ़ाकर भाग लेने वालों का मार्गदर्शन करेंगे।
अस्थायी शारीरिक क्षमता से प्रेरणादायक उपलब्धि
गोविंद स्वयं एक भुजा (एक हाथ) के साथ जन्मे हैं — उनके पास केवल बायाँ हाथ है जिसमें सिर्फ दो उंगलियाँ हैं — लेकिन उन्होंने अपनी अक्षमता को कभी अपनी ताकत बनने नहीं दिया। उन्होंने बताया कि बचपन से ही इस चुनौती को अपनाकर उन्होंने अपनी जिंदगी को अपने हिसाब से आगे बढ़ाया।
वे पहले से ही मुम्बई मैराथन की पूरी दूरी (42 किमी) तीन बार पूरी कर चुके हैं, और इस बार हाफ मैराथन के पेसर के रूप में अपनी फिटनेस और धैर्य से दूसरे धावकों को प्रेरित करेंगे।
लक्ष्य सिर्फ दौड़ नहीं — प्रेरणा है
गोविंद कहते हैं कि वे पेसर के रूप में इसलिए भाग ले रहे हैं ताकि अन्य लोग अपने लक्ष्य तक पहुंचने की प्रेरणा प्राप्त करें। उन्होंने बताया, “एक पैराफ़िट (दिव्यांग) एथलीट के रूप में पेसर होना उन्हें यह दिखाने का अवसर देता है कि कोई भी कठिनाई आपको लक्ष्य तक पहुँचने से नहीं रोक सकती।”
सक्रिय जीवनशैली और सामुदायिक काम
गोविंद की फिटनेस यात्रा केवल दौड़ तक ही सीमित नहीं है। वे Bindaas Foundation नामक संस्था के माध्यम से फिटनेस, नेचर एक्सप्लोरेशन और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं। वे साइक्लिंग, ट्रेकिंग और कैंपिंग जैसे कार्यक्रमों में भी सक्रिय हैं और समुदाय को स्वस्थ जीवन के लिए प्रेरित करते हैं।
वे पहले उदयपुर से बेंगलुरु, और मणाली से खारदुंग ला पास तक साइकिलिंग कर चुके हैं — जिसमें उन्होंने अपने खुद के अनुकूलित साइकिल का उपयोग किया।








