आज के अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक शैक्षणिक वातावरण में, जहाँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सही मार्गदर्शन विद्यार्थियों की सफलता की मजबूत नींव माने जाते हैं, वहीं पूर्णा शहर के शिक्षा क्षेत्र में विनायक समगीरराव ढोणे एक समर्पित शिक्षक, कुशल मार्गदर्शक और दूरदर्शी शिक्षाविद के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके हैं। ढोणे कोचिंग क्लासेस के संस्थापक के रूप में उन्होंने विद्यार्थियों के लिए ऐसा मंच तैयार किया है, जो न केवल अकादमिक उत्कृष्टता बल्कि सर्वांगीण विकास को भी समान महत्व देता है।
विनायक समगीरराव ढोणे का दृढ़ विश्वास है कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह विद्यार्थी की सोच, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को भी सशक्त बनाए। इसी विचारधारा के साथ ढोणे कोचिंग क्लासेस की स्थापना की गई, जिसने बहुत ही कम समय में पूर्णा और आसपास के क्षेत्रों में एक भरोसेमंद और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान के रूप में अपनी जगह बनाई है।
ढोणे कोचिंग क्लासेस की सबसे बड़ी विशेषता इसका छात्र-केंद्रित शिक्षण मॉडल है। यहाँ प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक क्षमता, कमजोरियों और सीखने की शैली को ध्यान में रखकर मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है। कक्षा 8वीं से 10वीं तक विज्ञान विषय की मजबूत नींव तैयार करने के साथ-साथ NSO एवं IMO जैसी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी विशेष रूप से कराई जाती है।
संस्थान में शिक्षण की पद्धति स्पष्ट अवधारणाओं पर आधारित है। विषयों को सरल भाषा, उदाहरणों और व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है, जिससे विद्यार्थी विषय को गहराई से समझ सकें। नियमित टेस्ट, मूल्यांकन और फीडबैक के माध्यम से छात्रों की प्रगति पर निरंतर निगरानी रखी जाती है। कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जाते हैं, जबकि मेधावी छात्रों को उच्च स्तरीय तैयारी के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
ढोणे कोचिंग क्लासेस में अनुभवी एवं समर्पित शिक्षक व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान का संतुलन बनाए रखते हुए अध्यापन करते हैं। प्रत्येक विद्यार्थी के लिए उसकी क्षमता और आवश्यकता के अनुसार संरचित अध्ययन योजना तैयार की जाती है। आधुनिक शिक्षण संसाधनों और तकनीकों का उपयोग कर शिक्षा को समयानुकूल एवं प्रभावशाली बनाया गया है। नियमित डाउट-क्लियरिंग सेशन्स विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विनायक समगीरराव ढोणे के शिक्षण सिद्धांत गुणवत्ता, ईमानदारी और समर्पण पर आधारित हैं। वे विद्यार्थियों में तार्किक सोच, समस्या समाधान की क्षमता और शैक्षणिक जिज्ञासा को विकसित करने पर विशेष जोर देते हैं। उनका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल परीक्षा में सफल बनाना नहीं, बल्कि उन्हें दीर्घकालिक शैक्षणिक और करियर लक्ष्यों के लिए सक्षम बनाना है।
शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान, नेतृत्व क्षमता और विद्यार्थियों की सफलता पर पड़े सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए विनायक समगीरराव ढोणे को विशेष सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान उनके अथक परिश्रम और शिक्षा के प्रति निष्ठा का प्रतीक है।
इस प्रतिष्ठित सम्मान समारोह में तीन विशिष्ट मुख्य अतिथि शामिल होंगे—
⭐ वर्षा उसगांवकर – प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री
⭐ सोनाली कुलकर्णी – लोकप्रिय भारतीय अभिनेत्री
⭐ प्रार्थना बेहरे – जानी-मानी भारतीय अभिनेत्री
इस भव्य आयोजन का आयोजन Sure Me Multipurpose Pvt Ltd के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर कुमार पठाडे के दूरदर्शी नेतृत्व में किया जा रहा है। यह कार्यक्रम शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत समर्पित व्यक्तित्वों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल माना जा रहा है।
विनायक समगीरराव ढोणे को इस सम्मान के लिए चारों ओर से शुभकामनाएँ प्राप्त हो रही हैं। उनका समर्पण, अनुशासन और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता उन्हें वास्तव में “पूर्णा की शैक्षणिक शान” बनाती है। समाचारवाणी परिवार की ओर से उन्हें इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ।








