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  • संघर्ष से सफलता तक: साई रोशन कंप्यूटर क्लासेस के संस्थापक आत्माराम किसान वाघ की प्रेरणादायक जीवन यात्रा

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    कहते हैं कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि इंसान के भीतर शिक्षा के प्रति विश्वास और आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प हो, तो सफलता का रास्ता जरूर निकलता है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है साई रोशन कंप्यूटर क्लासेस के संस्थापक आत्माराम किसान वाघ की, जिन्होंने कठिन परिश्रम और अटूट विश्वास के बल पर अपनी पहचान बनाई।

    आत्माराम वाघ का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। जीवन यापन के लिए उन्होंने होटल में वेटर का काम किया, खेतों में गन्ना काटा और राजमिस्त्री के रूप में भी कार्य किया। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने शिक्षा से कभी समझौता नहीं किया। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने 10वीं, 12वीं और स्नातक (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई पूरी की, क्योंकि वे जानते थे कि शिक्षा ही स्थायी बदलाव की कुंजी है।

    आत्माराम वाघ ने भारतीय सेना, महाराष्ट्र पुलिस और भारतीय नौसेना की ग्राउंड और लिखित परीक्षाएँ दीं और कई चरणों में सफलता भी हासिल की। लेकिन दुर्भाग्यवश, मेडिकल अनफिट घोषित होने के कारण उनका वर्दी पहनने का सपना अधूरा रह गया।

    इसके बाद उन्हें स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद में नौकरी मिली, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण उन्हें यह नौकरी भी छोड़नी पड़ी। यह समय किसी के लिए टूटने का हो सकता था, लेकिन आत्माराम वाघ ने इसे आत्ममंथन और नए मार्ग की शुरुआत का अवसर बनाया।

    अपने मूल गांव साईगांव, तालुका चालीसगांव, जिला जलगांव लौटकर आत्माराम वाघ ने अपने ही क्षेत्र में कुछ सार्थक करने का निर्णय लिया। वर्ष 2011 में उन्होंने एक छोटे से कमरे में मात्र 2–3 कंप्यूटरों के साथ साई रोशन कंप्यूटर क्लासेस की शुरुआत की।

    शुरुआती दिन बेहद चुनौतीपूर्ण थे। छात्रों की संख्या कम थी, आर्थिक संसाधन सीमित थे और भविष्य अनिश्चित लग रहा था। लेकिन उनका एक अटूट विश्वास था —
    “अगर हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देंगे, तो विद्यार्थी खुद ही आएँगे।”

    साई रोशन कंप्यूटर क्लासेस में MS-CIT, बेसिक कंप्यूटर कोर्स, टाइपिंग, टैली, एक्सेल जैसे प्रैक्टिकल और जॉब-ओरिएंटेड कोर्स पर विशेष ध्यान दिया गया। पढ़ाई का तरीका सरल, व्यवहारिक और अभ्यास-आधारित रखा गया।

    व्यक्तिगत मार्गदर्शन, निरंतर प्रैक्टिस और छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धति ने जल्द ही संस्थान को एक मजबूत पहचान दिलाई।

    समय के साथ छात्रों का प्रदर्शन बेहतर होने लगा। कई छात्रों को नौकरी मिली, कुछ ने प्रतियोगी परीक्षाएँ पास कीं और अनेक विद्यार्थियों ने डिजिटल कौशल में आत्मविश्वास हासिल किया। छात्रों की सफलता ही संस्थान का सबसे बड़ा प्रचार बनी।

    यही सोच संस्थान के मूलमंत्र में बदल गई —
    “Your success is our mission.”
    (आपकी सफलता ही हमारा मिशन है)

    आज साई रोशन कंप्यूटर क्लासेस में आधुनिक कंप्यूटर लैब, अनुभवी शिक्षक और सैकड़ों संतुष्ट विद्यार्थी हैं। यह संस्थान ग्रामीण युवाओं को डिजिटल शिक्षा और रोजगार योग्य कौशल प्रदान कर सशक्त बना रहा है।

    संस्थापक आत्माराम किसान वाघ, उनकी पत्नी श्रीमती वर्षाराणी आत्माराम वाघ और उनके भाई श्री प्रशांत दादा यशोद के साथ मिलकर न केवल एक सफल संस्थान चला रहे हैं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा भी बन चुके हैं।

    आत्माराम वाघ युवाओं को प्रेरित करते हुए कहते हैं —
    “सिर्फ नौकरी के पीछे भागना ही सफलता का रास्ता नहीं है। ग्रामीण भारत में अपार संभावनाएँ हैं। आधुनिक तकनीक, नवाचार और उद्यमशील सोच अपनाकर युवा अपना भविष्य खुद गढ़ सकते हैं।”

    वे कृषि को भी केवल आजीविका नहीं, बल्कि व्यवसाय, विज्ञान और नेतृत्व का क्षेत्र मानते हैं और युवाओं से नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का आह्वान करते हैं।

    उनके समर्पण और उपलब्धियों को मान्यता देते हुए आत्माराम किसान वाघ का चयन “Maharashtra Business Icon 2025 / Maharashtra Style Icon 2025 / Maharashtra Fashion Icon 2025” पुरस्कारों के लिए किया गया है। यह सम्मान Reseal.in और India Fashion Icon Magazine द्वारा प्रदान किया जा रहा है।

    यह सम्मान न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।

    इस भव्य पुरस्कार समारोह में प्रमुख अतिथि के रूप में शामिल होंगी —
    वर्षा उसगांवकर – बॉलीवुड अभिनेत्री
    सोनाली कुलकर्णी – भारतीय अभिनेत्री
    प्रार्थना बेहेरे – भारतीय अभिनेत्री

    इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है —
    श्री सुधीर कुमार पाठाडे,
    Founder & CEO – Reseal.in (Sure Me Multipurpose Pvt. Ltd.)
    के नेतृत्व में, जो महाराष्ट्र के उभरते उद्यमियों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर रहे हैं।

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