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सर्जियो गोर ने औपचारिक रूप से भारत में संयुक्त राज्य अमेरिका के नए राजदूत के रूप में कार्यक्षेत्र संभाल लिया है। उन्होंने भारत-अमेरिका के बीच मजबूत साझेदारी को आगे बढ़ाने के अपने लक्ष्य को दोहराया और कहा कि “भारत अमेरिका का सबसे आवश्यक साझेदार है।”
राजनीतिक और आर्थिक साझेदारी को प्राथमिकता
नए राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते, सुरक्षा सहयोग और तकनीकी साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में निरंतर बातचीत जारी रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते केवल आर्थिक नहीं, बल्कि रणनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण हैं।
गोर ने विशेष रूप से यह भी बताया कि भारत को “Pax Silica” नामक अमेरिकी नेतृत्व वाली सामरिक पहल में अगले महीने पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा — जिसका उद्देश्य सिलिकॉन और अर्धचालक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना है।
नेतृत्व के बीच दोस्ताना रिश्तों पर जोर
सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच दोस्ती को “असली और मजबूत” बताया। उन्होंने कहा कि अक्सर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन सच्चे दोस्त अंततः अपने मतभेदों को सुलझा लेते हैं।
गोर का यह बयान भारत और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापार वार्ता और उच्च टैरिफ को लेकर चल रहे तनाव के बीच आया है, जहां दोनों पक्ष देख रहे हैं कि कैसे अपने आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत किया जाए।
युवावस्था में राजदूत — नई ऊर्जा और दृष्टिकोण
सर्जियो गोर की नियुक्ति भारत में सबसे कम उम्र के अमेरिकी राजदूतों में से एक के रूप में की गई है, और उनके कार्यकाल से नई ऊर्जा एवं दृष्टिकोण की अपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि वे भारत में अवसरों को विस्तार से देखने और संयुक्त हितों को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं।
दूरदर्शी लक्ष्य और भविष्य की योजनाएँ
गोर ने यह भी संकेत दिया कि टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अन्य क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग और बढ़ाया जाएगा। उनका मानना है कि भारत-अमेरिका साझेदारी 21वीं सदी के लिए निर्णायक रूप से महत्वपूर्ण है।








