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ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को फोन किया और क्षेत्र में बढ़ रहे तनाव पर चर्चा की। बातचीत का मकसद ईरान में हालात और क्षेत्र में उनकी संवेदनशीलता पर विचार करना था।
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर यह बातचीत स्वीकार करते हुए कहा:
“ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। हमने ईरान और उसके आसपास की बढ़ती स्थिति (evolving situation) पर चर्चा की।”
बातचीत का प्रसंग
अराघची ने यह फोन कॉल उन रिपोर्टों के बीच किया कि ईरान में हालिया व्यापक विरोध प्रदर्शन और उनकी सरकार की कार्रवाई से देश के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में तनाव बढ़ रहा है। आधिकारिक रूप से यह भी बताया गया कि अराघची ने 15 जनवरी से नई दिल्ली की अपनी प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी है, और उन्होंने इस फैसले की वजह समझाने के लिए जयशंकर से बात की।
भारत की स्थिति और चेतावनी
बातचीत के कुछ समय बाद भारत ने अपने राष्ट्रीयों को ईरान छोड़ने की सलाह जारी की है, जिसमें छात्रों, व्यापारियों और अन्य नागरिकों को उपलब्ध साधनों से देश छोड़ने का अनुरोध किया गया है। भारतीय दूतावास ने स्थानीय सुरक्षा स्थिति के कारण सभी भारतीयों से संपर्क में रहने और विरोध क्षेत्रों से दूर रहने का निर्देश दिया।
भारत-ईरान दोनों देशों की बातचीत यह दर्शाती है कि कूटनीतिक स्तर पर मीडिया जानकारी से आगे की समझ और परामर्श जारी है, खासकर तब जब क्षेत्रीय तनाव और विरोध प्रदर्शन दोनों के संदर्भ में सफलता और संभावित सुरक्षा जोखिम हैं।








