2026 में एक खास खगोलीय घटना वरमंडलाकार (Annular) सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ भी कहा जाता है। यह ग्रहण इस साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा और 17 फरवरी 2026 को लगेगा।
ग्रहण की तारीख और समय
-
तारीख: 17 फरवरी 2026
-
घटनाकाल: ग्रहण की मुख्य अवस्था UTC के अनुसार करीब 12:11–12:13 बजे रहेगी, जब चाँद सूर्य के केंद्र को ढक लेगा और उसके चारों ओर चमकता उर्जल घेरे जैसा दृष्य बनेगा।
‘रिंग ऑफ फायर’ क्या है?
-
यह एक वरमंडलाकार सूर्य ग्रहण है जिसमें चाँद पृथ्वी से इतना दूर होता है कि वह सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक सकता। इसके कारण सूर्य का बाहरी किनारा उज्जवल रूप से चमकता हुआ दिखाई देता है — इसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है।
कहाँ दिखाई देगा यह ग्रहण?
-
यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा — भारत के आसमान में इसका कोई भी चरण नहीं दिखेगा।
-
रिंग ऑफ फायर का मुख्य दृश्य अंटार्कटिका के ऊपर देखा जा सकेगा।
-
कुछ अन्य स्थानों पर इसे جزوی (partial) रूप में देखा जा सकता है, जैसे दक्षिणी दक्षिण अमेरिका, दक्षिण अफ़्रीका और कुछ महासागरीय क्षेत्रों में।
भारत में ग्रहण का प्रभाव
-
चूंकि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका धार्मिक या सूतक काल के नियम भी भारत में लागू नहीं होंगे।
यह सूर्य ग्रहण एक दुर्लभ खगोलीय नज़ारा माना जाता है और विशेष उपकरणों के माध्यम से सुरक्षित रूप से देखा जाना चाहिए — जैसे सूर्य दर्शनी चश्मा (solar viewing glasses) या तिरछे फिल्टरयुक्त टेलीस्कोप आदि।








