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ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने बच्चों में होने वाले दुर्लभ लेकिन घातक मस्तिष्क कैंसर के इलाज में एक दो ड्रग कॉम्बिनेशन (दो दवाओं का संयोजन) संभावित रूप से प्रभावी होने का पता लगाया है, जिससे इस बीमारी के उपचार में नई आशा जगी है।
इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि दो अलग‑अलग दवाओं को एक साथ इस्तेमाल करने से कैंसर कोशिकाओं को बेहतर तरीके से नष्ट किया जा सकता है, खासकर उन मस्तिष्क ट्यूमरों पर जिनका इलाज अब तक बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है।
क्या है यह अध्ययन?
यह शोध Science Translational Medicine नामक वैज्ञानिक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं ने डिफ्यूज मिडलाइन ग्लियोमा (DMG) समेत अन्य बहादुर मस्तिष्क ट्यूमरों के लिए यह संयोजन परीक्षण में लगाया। इनमें DIPG (डिफ्यूज इंट्रिन्सिक पोंटाइन ग्लियोमा) जैसे ट्यूमर शामिल हैं, जो बच्चों में सबसे घातक मस्तिष्क कैंसर में से एक माना जाता है और लगभग 12 महीनों से अधिक जीवन प्रत्याशा नहीं देता।
शोध टीम Children’s Cancer Institute और University of New South Wales (UNSW) के वैज्ञानिकों ने कहा कि एकल दवा अकेले उस तरह का असर नहीं दे पाती, लेकिन दवाओं के संयोजन से ट्यूमर की वृद्धि रोकने और कोशिकाओं को मारने में बेहतर असर देखने को मिला।
क्यों है यह खोज महत्वपूर्ण?
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यह संयोजन ‑चिकित्सा (combination therapy)‑ उस सोच पर आधारित है कि एक साथ दो बीमारियों‑लक्ष्यों को प्रभावित करने से बेहतर इलाज असर मिलता है।
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शोधकर्ता बताते हैं कि मस्तिष्क ट्यूमर में हज़ारों जीन एक साथ सक्रिय रहते हैं और यही वजह है कि अकेली दवा उपयुक्त परिणाम नहीं देती।
बच्चों के लिए उम्मीद की किरण
इस शोध से पता चलता है कि अत्यधिक कठिन और प्राणघातक बाल मस्तिष्क ट्यूमर के उपचार में दो दवाओं का संयोजन आगे चलकर एक प्रभावशाली तरीका बन सकता है — बशर्ते कि आगे के परीक्षण और क्लिनिकल ट्रायल सकारात्मक परिणाम दें।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह तरीका अन्य कठिन‑इलाज मस्तिष्क ट्यूमर के इलाज के लिए भी सहायक सिद्ध हो सकता है।








