• Create News
  • ▶ Play Radio
  • SYL जल विवाद: मान-सैनी की बैठक के बाद भी समाधान टला

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नयाब सिंह सैनी के बीच 27 जनवरी 2026 को सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर विवाद पर हुई बातचीत के बावजूद कोई निर्णायक समाधान नहीं निकला है। यह विवाद दशकों से दोनों राज्यों के बीच पानी के बंटवारे और SYL नहर की अधूरी कंस्ट्रक्शन को लेकर चल रहा है।

    दोनों नेताओं की बैठक लगभग एक घंटे तक चली और मिलनसार माहौल में हुई, लेकिन निष्कर्ष पर पहुँचने में असमर्थ रही। इसके बाद उन्होंने मीडिया को संयुक्त बयान दिया और कहा कि वरिष्ठ अधिकारी आगे की बातचीत जारी रखेंगे

    हरियाणा के सीएम नयाब सैनी ने कहा कि बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और दोनों राज्यों के बीच सार्थक समाधान की ओर बढ़ने की प्रतिबद्धता बनी हुई है। उन्होंने गुरुओं के उपदेशों का हवाला देते हुए कहा कि पानी जैसे संसाधन पर बातचीत भाईचारे से होनी चाहिए।

    पंजाब के CM भगवंत मान ने भी दोनों पक्ष के बीच सम्मान और सहयोग को ज़ोर देते हुए कहा कि यह मुद्दा पुराना है और इसे सही संवाद और समझ से हल करने की ज़रूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी आवश्यकतानुसार बैठकें जारी रखेंगे।

     SYL विवाद क्यों है पुराना और जटिल?

    SYL नहर विवाद 1981 के समझौते से जुड़ा है, जिसके तहत सतलुज और यमुना नदियों के पानी को बाँटने के लिए 214 किलोमीटर की नहर बननी थी — जिसमें से हरियाणा का हिस्सा पूरा हुआ, परंतु पंजाब का हिस्सा अधूरा रहा और कुछ हिस्सों को डिनोटिफ़ाई कर दिया गया। इसके कारण हरियाणा को उसके हिस्से के पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल रही है।

    हरियाणा ने 1996 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की और 2016 में सर्वोच्च न्यायालय ने हरियाणा के पक्ष में निर्णय दिया; हालांकि पंजाब इस फैसले से संतुष्ट नहीं है।

     आगे की चुनौतियाँ

    – दोनों राज्यों के बीच पानी की कमी, ग्रामीण कृषि व जल संसाधन की स्थिति, और SYL नहर की निर्माण प्रक्रिया कानूनी और तकनीकी मुद्दों के कारण उलझी हुई है।
    – पंजाब बार-बार कहता आया है कि उसके पास कोई अतिरिक्त पानी नहीं है और जल संसाधन की कमी के बीच किसी भी अतिरिक्त वाटर डिवीजन पर विचार नहीं किया जा सकता।
    – हरियाणा का यह कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार नहर का निर्माण पूरा होना चाहिए, ताकि उसे अपने हिस्से का पानी मिल सके।

  • Related Posts

    राजस्थान जालोर के छोटे से गांव से राष्ट्रीय तकनीकी ब्रांड तक का सफर, भंवर सुथार ने आस्थासॉफ्ट टेक्नोलॉजीज़ के माध्यम से रचा सफलता का नया इतिहास

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। भारत के तेजी से विकसित हो रहे सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और वित्तीय प्रौद्योगिकी (FinTech) क्षेत्र में आस्थासॉफ्ट टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड…

    Continue reading
    शरद पवार और सुप्रिया सुले ने की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात, एनडीए में समर्थन की चर्चाओं के बीच सियासी हलचल तेज

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *