अमेरिकी अंतरिक्ष संस्था नासा (NASA) ने पुष्टि की है कि उसका ऐतिहासिक Artemis II मिशन फरवरी 2026 के पहले सप्ताह में चाँद के चारों ओर इंसानों को भेजने के लिए लॉन्च विंडो उपलब्ध होगी। यह मिशन 50 साल से भी लंबे समय के बाद चाँद की कक्षा में इंसानी अंतरिक्षयात्रियों को ले जाने वाला पहला मिशन है, जिसमें वे चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरेंगे लेकिन उसके चारों ओर घूमेंगे।
खगोल वैज्ञानिकों और मिशन योजनाकारों के अनुसार लॉन्च विंडो 6 फरवरी से 11 फरवरी 2026 के बीच है, जब पृथ्वी‑चाँद की कक्षीय स्थिति और सुरक्षा के सभी मापदंड अनुकूल होंगे। इस मिशन में ओरियन अंतरिक्षयान के साथ चार अंतरिक्ष यात्री – तीन अमेरिकी और एक कनाडाई – चंद्रमा की तरफ़ मार्ग तय करेंगे।
यह उड़ान लगभग 10 दिन की होगी और इसमें चालक दल की जीवन‑समर्थन प्रणालियों, संचार, नेविगेशन, और अंतरिक्ष वातावरण में इंसानी प्रदर्शन का परीक्षण शामिल है, जिससे भविष्य के चाँद पर उतरने वाले मिशनों के लिये महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। यह Artemis कार्यक्रम का एक अहम पड़ाव है, जो चाँद पर स्थायी मानवीय उपस्थिति और अंततः मंगल ग्रह पर इंसानों के भेजे जाने के मार्ग को तैयार करेगा।
मिशन के लिए Space Launch System (SLS) रॉकेट और Orion अंतरिक्षयान को कैनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा में प्रीकॉन्डिशनिंग के अंतिम चरण में लाया गया है और इसकी तैयारियों में वेट ड्रैस रिहर्सल जैसे बड़े परीक्षण बाकी हैं, जिनके सफल होने पर ही वास्तविक लॉन्च तय होगा।
यह Artemis II मिशन 1972 के Apollo 17 के बाद चाँद की ओर इंसानों को भेजे जाने वाला पहला मिशन बनने जा रहा है, और नासा के चंद्र और गहरे अंतरिक्ष अनुसंधान की दिशा में एक नई युग की शुरुआत मानी जाती है।








