हरिओम | कानपूर | समाचार वाणी न्यूज़
नगर में वर्ष 1972 से निरंतर लगने वाला ऐतिहासिक शहीद मेला इस वर्ष भी 23 जनवरी से हर्षोल्लास के साथ प्रारंभ होगा और 10 फरवरी तक चलेगा। मेले के आयोजन को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और कार्य अंतिम चरण में है।
शहीद मेला भारत माता की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद जमुना प्रसाद त्रिपाठी, सीताराम गुप्त और कृष्ण कुमार विद्यार्थी की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। यह मेला नगर और क्षेत्रवासियों के लिए आस्था, सम्मान और देशभक्ति का प्रतीक माना जाता है।
मेले में प्रदेश के विभिन्न जिलों से दुकानदार पहुंचकर अपनी दुकानें सजाएंगे। इसके साथ-साथ दिन और रात सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे मेले की रौनक और बढ़ेगी।
शहीद मेला के संयोजक इंजीनियर राज त्रिपाठी ने बताया कि यह मेला अपने आप में अनूठा है। उन्होंने कहा कि यह मेला वीर नगरी बेवर की पावन धरती पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले तीनों शहीदों के साथ-साथ स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली स्मृतियों को जीवंत रखता है। यह लगातार लगने वाला क्षेत्र का पहला शहीद मेला है, जिसकी ऐतिहासिक पहचान बनी हुई है।
वर्तमान में दुकानदारों द्वारा दुकानें लगाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और नगर में मेले को लेकर उत्साह का माहौल है।








