सफलता हमेशा संसाधनों से जन्म नहीं लेती—अक्सर वह दृढ़ निश्चय, धैर्य और अटूट आत्मविश्वास से आकार लेती है। लिमिटलेस माइंड ब्रेन डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट और ब्लॉसम्स प्री-स्कूल एंड डे-केयर की संस्थापक सुश्री सुरेखा संजीव गिरी की जीवन यात्रा इसका सशक्त उदाहरण है।
उनकी कहानी किसी त्वरित उपलब्धि की नहीं, बल्कि संघर्ष, साहस और अपने उद्देश्य के प्रति अडिग विश्वास से गढ़ी गई धीमी लेकिन मजबूत उड़ान की है।
शुरुआत – एक युवा माँ का सपना
वर्ष 2002 का समय था। सुरेखा गिरी दो छोटे बच्चों की माँ थीं—बड़ा बेटा स्वरूप चार वर्ष का और छोटा स्नेहर्ष मात्र सात महीने का। शादी के बाद अधिकतर महिलाओं की तरह उनका जीवन भी घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सिमटने लगा।
शिक्षित और सक्षम होने के बावजूद उन्हें बार-बार यही सुनने को मिलता—“अब नौकरी या बाहर काम करना संभव नहीं।” अवसर आते, पर परिस्थितियाँ रास्ता रोक देतीं।
उनके मन में एक ही सवाल गूँजता रहा—
“क्या मेरा सफर यहीं रुक जाएगा?”
लेकिन भीतर एक सपना जिंदा था—बच्चों के साथ काम करना, उनके मन को समझना, सीखने में आने वाली कठिनाइयों को पहचानना और समाज के लिए कुछ सार्थक करना।
निर्णायक मोड़
इसी दौर में उन्हें एक ऐसे कोर्स की जानकारी मिली जिसकी कक्षाएँ सप्ताह में केवल एक दिन होती थीं। उन्होंने रविवार का दिन चुना ताकि घर और बच्चों की जिम्मेदारियाँ भी निभा सकें।
मगर सबसे बड़ी बाधा थी—₹51,000 की फीस। उस समय उनके पास व्यक्तिगत बचत नहीं थी। कई पल ऐसे आए जब हार मान लेना आसान लगा।
पर उन्होंने हार नहीं मानी।
संकोच छोड़कर दोस्तों और रिश्तेदारों से मदद माँगी। धीरे-धीरे राशि जुटाई। वह पैसा सिर्फ फीस नहीं था—उनके सपनों की पहली नींव था।
सीख, संघर्ष और आत्मखोज
मातृत्व, परिवार और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं था। नए विषय, नई पद्धतियाँ और आत्म-संदेह लगातार परीक्षा लेते रहे। लेकिन इसी दौर में उन्होंने अपने भीतर एक नई सुरेखा को खोजा—जो मुश्किलों से भागती नहीं, उनका सामना करती है।
बच्चों और अभिभावकों के साथ काम करते हुए उन्हें गहरी समझ मिली—
अधिकतर बच्चों की सीखने की समस्या बुद्धि की कमी से नहीं, बल्कि एकाग्रता की कमी, आत्मविश्वास की कमजोरी और सही मार्गदर्शन के अभाव से होती है।
यहीं से जन्म हुआ—
Limitless Mind Brain Development Institute
लिमिटलेस माइंड – बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव
उनका उद्देश्य स्पष्ट था—बच्चों की मानसिक क्षमताओं को विकसित करना और उनमें एकाग्रता, स्मरणशक्ति, समझ, आत्मविश्वास व भावनात्मक संतुलन का निर्माण करना।
अबेकस, मेमोरी डेवलपमेंट, स्टडी स्किल्स और ब्रेन डेवलपमेंट जैसी वैज्ञानिक पद्धतियों से हजारों बच्चों में सकारात्मक बदलाव आए। अभिभावकों ने न केवल पढ़ाई में सुधार देखा, बल्कि बच्चों के व्यवहार, आत्मविश्वास और मानसिक शांति में भी बड़ा परिवर्तन महसूस किया।
ब्लॉसम्स प्री-स्कूल – मजबूत बुनियाद का निर्माण
अपने विजन को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने ब्लॉसम्स प्री-स्कूल एंड डे-केयर की स्थापना की। उनका मानना है कि बचपन में मिला प्रेम, सुरक्षा और संस्कार ही जीवन की असली पूँजी होते हैं। आज ब्लॉसम्स अनेक परिवारों का भरोसेमंद केंद्र बन चुका है।
महिलाओं के लिए प्रेरणा
अपने संघर्षों को याद रखते हुए सुरेखा गिरी ने उन महिलाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए, जिनके सपने परिस्थितियों के कारण थम गए थे। कई महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना आज उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
उद्यमी से कहीं अधिक
आज सुरेखा गिरी केवल एक उद्यमी नहीं—एक संवेदनशील माँ, कुशल शिक्षिका और हजारों परिवारों की प्रेरणा हैं।
₹51,000 जुटाने के संघर्ष से लेकर हजारों बच्चों का भविष्य सँवारने तक का उनका सफर यही सिखाता है—
जब मन असीम हो, तो सफलता की कोई सीमा नहीं होती।
सम्मान और पहचान
सुश्री सुरेखा संजीव गिरी की इस शानदार उपलब्धि को “Maharashtra Business Icon 2025 / Maharashtra Style Icon 2025 / Maharashtra Fashion Icon 2025” जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए चुना गया है। यह सम्मान Reseal.in और India Fashion Icon Magazine द्वारा उन उभरते उद्यमियों और रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है।
भव्य पुरस्कार समारोह
इस पुरस्कार समारोह में कई प्रसिद्ध फिल्मी हस्तियाँ शामिल होंगी:
⭐ वर्षा उसगांवकर – बॉलीवुड अभिनेत्री
⭐ सोनाली कुलकर्णी – भारतीय अभिनेत्री
⭐ प्रार्थना बेहेरे – भारतीय अभिनेत्री
यह आयोजन श्री सुधीर कुमार पठाडे, Founder & CEO, Sure Me Multipurpose Pvt. Ltd. (Reseal.in) के नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा, जो महाराष्ट्र के उद्यमियों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने के लिए कार्यरत हैं।








