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भारत को रक्षा निर्यात में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 19 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के नागपुर में स्थित सोलर डिफेंस तथा एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) के प्रतिष्ठान से गाइडेड पिनाका रॉकेट प्रणालियों की पहली निर्यात खेप अर्मेनिया के लिए औपचारिक रूप से रवाना की। यह कदम भारतीय रक्षा निर्यात क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा मिसाल माना जा रहा है।
यह खेप भारत और अर्मेनिया के बीच लगभग ₹2,000 करोड़ के रक्षा सौदे के तहत भेजी जा रही है, जिसमें चार पिनाका मल्टी‑बैरल रॉकेट लॉन्चर बैटरियों के साथ ही गाइडेड और अन्य प्रकार के रॉकेट तथा संबंधित उपकरण शामिल हैं। अर्मेनिया पिनाका सिस्टम का पहला अंतरराष्ट्रीय ग्राहक है।
पिनाका गाइडेड रॉकेट प्रणाली — तकनीक और क्षमता
पिनाका रॉकेट सिस्टम भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक मल्टी‑बैरल रॉकेट लॉन्चर है, जिसे समय‑समय पर उन्नत किया गया है। इसका नवीनतम गाइडेड संस्करण सटीक निशानेबाज़ी क्षमता और विस्तारित मारक दूरी प्रदान करता है, जिससे यह आधुनिक युद्ध परिस्थितियों में अधिक प्रभावी साबित होता है।
भारत: रक्षा उद्योग निर्यातक की ओर
राजनाथ सिंह ने कहा कि इस तरह की निर्यात गतिविधि यह दिखाती है कि भारत अब केवल रक्षा आयातक नहीं रह गया है, बल्कि एक निर्यातक राष्ट्र के रूप में भी उभर रहा है। इस सफलता के साथ ही देश की रक्षा निर्यात आंकड़े भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ रहे हैं और इससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को मजबूती मिली है।
विश्लेषकों का मानना है कि पिनाका जैसी प्रणालियाँ, जिनमें तकनीकी दक्षता और विश्वसनीयता दोनों मौजूद हैं, भारतीय रक्षा उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को और बढ़ावा देंगी और आने वाले समय में और भी देशों को निर्यात संभावनाओं को बढ़ाएंगी।








