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  • ट्रम्प डावोस में करेंगे “बोर्ड ऑफ पीस” समझौता समारोह

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    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सप्ताह विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) के दौरान “Board of Peace” के लिए एक औपचारिक सिग्निंग सेरेमनी आयोजित करने वाले हैं। यह पहल ट्रंप की कोशिश है कि युद्धविराम और गाजा में स्थायी शांति बहाली की अगली प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके, लेकिन खबर है कि केवल कुछ ही देशों के प्रमुख नेता ही इस समारोह में भाग ले सकते हैं, क्योंकि कई राष्ट्र इस योजना के स्वरूप और उद्देश्य को लेकर असहजता महसूस कर रहे हैं।

    बोर्ड ऑफ पीस का उद्देश्य और विवाद

    • ट्रंप द्वारा प्रस्तावित Board of Peace को पहले गाजा युद्ध के बाद स्थिरता, पुनर्निर्माण और प्रशासन का जिम्मा देने के लिए तैयार किया गया है।

    • हालांकि, नए दस्तावेज़ों के मुताबिक इसका दायरा सिर्फ गाजा तक सीमित नहीं दिखता बल्कि यह “ऐसे वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए” भी कार्य कर सकता है, जिससे कुछ देशों ने इसे संयुक्त राष्ट्र जैसे स्थापित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का विकल्प बनाने की कोशिश बताया है।

    आमंत्रण और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया

    • ट्रंप ने डावोस में होने वाली इस समारोह के लिए दर्जनों राष्ट्रों के नेताओं को आमंत्रित किया है, जिनमें भारत, रूस, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और अन्य शामिल हैं। हालांकि, केवल कुछ देशों ने ही पुष्टि की है कि उनके प्रमुख प्रतिभागी के रूप में उपस्थित होंगे।

    • इज़राइल को भी आमंत्रित किया गया है, लेकिन उसने “गाजा कार्यकारी बोर्ड” में तुर्की और क़तर जैसे देशों के शामिल होने पर सार्वजनिक आलोचना की है, जिससे द्विपक्षीय तनाव दिखता है।

    • कई देशों ने बोर्ड की संरचना और उसके व्यापक दायरे को लेकर संयुक्त राष्ट्र और मौजूदा वैश्विक व्यवस्था के साथ सामंजस्य की चिंता जताई है।

    चुनौतियाँ और आलोचना

    • कुछ सदस्य देशों ने यह भी संकेत दिया है कि बोर्ड में स्थायी सदस्य बनने के लिए अर्थव्यवस्था के बड़े योगदान की आवश्यकता हो सकती है, जो इसे “पेर-टू-प्ले” या शक्ति आधारित समूह जैसा बना सकता है।

    • इसके अलावा, फ्रांस और कई यूरोपीय नेताओं ने बोर्ड के उद्देश्य, स्वरूप और सदस्यता शर्तों पर सवाल उठाए हैं, जिससे त्रिपक्षीय रूप से इस पहल की स्वीकार्यता चुनौती में दिख रही है।

    असल स्थिति अब क्या है?

    ट्रम्प का लक्ष्य Board of Peace को डेवोस में बड़े पैमाने पर वैश्विक शांति पहल के रूप में स्वीकार कराना है, लेकिन सत्ता संतुलन, सदस्यता शर्तें और संयुक्त राष्ट्र के साथ सहभागिता जैसे मुद्दों ने इसे विवादित बना दिया है। समारोह में भाग लेने वाले नेताओं की संख्या और उनकी उपस्थिति इस सप्ताह के अंत तक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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