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गोदावरी नदी के शांत और खूबसूरत किनारों पर कला की जीवंतता देखने को मिली, जब नाशिक कलानिकेतन ने बारहवीं कलामहर्षी वा. गो. कुलकर्णी राष्ट्रीय प्रत्यक्ष चित्रण स्पर्धा का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में कला के जुनून ने गोदावरी घाट पर एक चित्रकला उत्सव जैसा माहौल बना दिया।
इस प्रतियोगिता में निसर्गचित्रण, व्यक्तिचित्रण और स्थिरचित्रण जैसे तीन प्रमुख वर्गों में प्रतिभाग हुआ। महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, वसई, डहाणू, पालघर, पुणे, सांगली, सातारा, कोल्हापूर, धुले, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर और जालना जैसे कई शहरों से कुल 214 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
दो दिनों तक चले इस आयोजन में कला प्रेमियों और युवाओं ने नदी, प्रकृति और जीवन के विविध पक्षों को कैनवास पर उतारा, जिससे गोदावरी के किनारे कलात्मक माहौल बना रहा।
प्रतियोगिता में विजेताओं को करीब ₹1,15,000 के नकद पुरस्कार दिए गए। पुरस्कार वितरण समारोह में मराठा विद्या प्रसारक समाज के सरचिटणीस एड. नितीन ठाकरे और अनिल तुपे विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थे। नाशिक कलानिकेतन के अध्यक्ष एड. अविनाश भिडे, सचिव प्रो. संध्या केळकर और चित्रकला महाविद्यालय के प्राचार्य संजय साबळे ने भी विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया।
मुख्य पुरस्कार विजेता (कुछ श्रेणियाँ)
निसर्गचित्रण:
🥇 सुनील गवळी (नाशिक), 🥈 विशाल सुतार (मुंबई), 🥉 तुषार कुंभारे (मुंबई)
व्यक्तिचित्रण:
🥇 सागनिक सेन (मुंबई), 🥈 राजेश पवार (नाशिक), 🥉 राहुल वाघ (सोलापूर)
स्थिरचित्रण:
🥇 कृष्णा विश्वकर्मा (नाशिक), 🥈 राधिका जोशी (नाशिक), 🥉 मृणाली डोंगरे (नाशिक)
प्रतियोगिता की जाँच प्रसिद्ध चित्रकार नानासाहेब येवले और अमूर्त कला विशेषज्ञ उमेश पाटील ने की।
इस तरह के आयोजन युवा कलाकारों में सृजनात्मकता को प्रोत्साहित करते हैं और कला के प्रति उनकी लगन को मजबूत बनाते हैं — खासकर गोदावरी जैसे प्राकृतिक सौंदर्य से भरे स्थान पर।








